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जाने अगस्ता वेस्टलैंड और मिशेल के बारे में

जाने अगस्ता वेस्टलैंड और मिशेल के बारे में

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 164 दिन 7 घंटे पूर्व
06/12/2018
नई दिल्ली (महामीडिया) अगस्ता वेस्टलैंड मामले में भारत लाए गये मिशेल से कल सीबीआई ने रातभर पूछताछ की है। इस दौरान मिशेल को बैचेनी का अटैक भी आया है। डाॅक्टरी उपचार के बाद सीबीआई ने उससे फिर पूछताछ की है। 2010 में भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआईपी हेलि‍कॉप्टर खरीदने के लिए एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच करार हुआ था. जनवरी 2014 में भारत सरकार ने 3600 करोड़ रुपये के करार को रद्द कर दिया. आरोप था कि इसमें 360 करोड़ रुपये का कमीशन लिया गया. इसके बाद भारतीय वायुसेना को दिए जाने वाले 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की सप्लाई के करार पर सरकार ने फरवरी 2013 में रोक लगा दी थी. जिस वक्त यह आदेश जारी किया गया, भारत 30 फीसदी भुगतान कर चुका था और बाकी तीन अन्य हेलीकॉप्टरों के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी. यह मामला इटली की अदालत में चला जिसमें ये बातें उजागर हुईं कि 53 करोड़ डॉलर का ठेका पाने के लिए कंपनी ने भारतीय अधिकारियों को 100-125 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी थी. इतालवी कोर्ट के फैसले में पूर्व आईएएफ चीफ एस पी त्यागी का भी नाम सामने आया था. मिशेल भारत में हथियारों के कॉन्ट्रैक्ट के लिए 25 साल तक लॉबिंग करता रहा है। ऐसे में रक्षा मंत्रालय के कुछ अधिकारी असहज हो सकते हैं, जिनका नाम 2008 में हाथ से लिखे एक नोट में सामने आया था। मिशेल के प्रत्यर्पण से अब पूर्व वायु सेना प्रमुख एसपी त्यागी के अलावा अन्य बड़े खिलाड़ियों पर भी फोकस शिफ्ट हो चुका है, जिन्होंने 3,727 करोड़ रुपये के सौदे को ऐंग्लो-इटली फर्म अगुस्टावेस्टलैंड के पक्ष में करने में बड़ी भूमिका निभाई थी।  मिशेल के अनुसार  लगभग 240 करोड़ रुपये भारतीय अधिकारियों और एयरफोर्स अधिकारियों में बांटे गए। 1993 के बाद मिशेल करीब 100 से भी ज्यादा बार भारत आया। उसके रक्षा मंत्रालय और राजनीतिक गलियारों में भी संबंध थे। 

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