महामीडिया न्यूज सर्विस
नतीजे आने के बाद किंगमेकर बन सकती हैं क्षेत्रीय पार्टियां

नतीजे आने के बाद किंगमेकर बन सकती हैं क्षेत्रीय पार्टियां

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 18 दिन 14 घंटे पूर्व
03/04/2019
नई दिल्ली   (महामीडिया) आगामी लोकसभा चुनाव में यदि कोई एक पार्टी 272 का चमत्कारी आंकड़ा यानी पूर्ण बहुमत दर्ज नहीं कर पाती है तो सरकार बनाने कीा कवायद में तीन क्षेत्रीय पार्टियां बेहद अहम भूमिका निभाती नज़र आ सकती हैं.ये तीनों पार्टियां हैं- ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजेडी), आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस और तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस).साल 2014 में एक पार्टी पूर्ण बहुमत में आई थी जिसके बाद केंद्र में क्षेत्रीय दलों का महत्व एक तरह से ख़त्म हो गया था. लेकिन अब ये चर्चा तूल पकड़ रही है कि हो सकता है कि 2019 में सरकार बनाने के लिए गठबंधन की ज़रूरत हो और ऐसे में ये क्षेत्रीय पार्टियां महत्वपूर्ण होंगी.इस सूची में बहुजन समाज पार्टी का नाम भी शामिल हो सकता है, क्योंकि पार्टी सुप्रीमो मायावती के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सका और चुनाव के बाद वो बीजेपी का समर्थन कर सकती हैं बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस की बात करें तो फ़िलहाल ऐसा लग रहा है कि ये तीनों पार्टियां अपने-अपने प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन करने वाली हैं.2014 में जब मोदी लहर अपने चरम पर थी उस वक्त भी इन क्षेत्रीय दलों ने अपने-अपने प्रदेशों में अच्छा प्रदर्शन किया था. उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी बीजेडी बढ़िया प्रदर्शन बरकरार रखेगी और वाईआरएस कांग्रेस भी कम-से-कम 12 सीटें ले कर आ सकती हैं.बीते साल दिसंबर में तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हुए थे जिनमें टीआरएस को भारी बहुमत से जीत मिली थी लोकसभा चुनावों में पार्टी को 11 सीटें मिली थीं. इन तीन पार्टियों के ही आंकड़ों को मिला दिया जाए तो माना जा सकता है कि लोकसभा में 63 सांसद इन पार्टियों के हो सकते हैं.अब इस आंकड़े में यदि बसपा को मिला कर देखा जाए, तो उत्तर प्रदेश में 80 सीटें हैं, तो इनमें से कई पर भाजपा पिछड़ सकती है. लेकिन ऐसी स्थिति में भी लगता है कि बीजेपी के सरकार बनाने की संभावना अधिक है क्योंकि ये चारों क्षेत्रीय पार्टियां महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगी और कांग्रेस को समर्थन भी नहीं देंगी.
और ख़बरें >

समाचार