महामीडिया न्यूज सर्विस
भारत में स्वदेशी बैटरी बनाने की योजना जल्द

भारत में स्वदेशी बैटरी बनाने की योजना जल्द

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 31 दिन 7 घंटे पूर्व
16/01/2019
नई दिल्ली (महामीडिया) सरकार देश में स्वदेशी बैटरियों के विनिर्माण के लिए 'चरणबद्ध विनिर्माण योजना  के विस्तार पर विचार कर रही है। इसका मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने पीएमपी की शुरुआत की थी, जिसमें देसी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, कुछ कर छूट, आयात पर कांउटरवेलिंग शुल्क का प्रावधान है। इलेक्ट्रॉनिक मोबिलटी पर सचिवों की समिति की हाल की बैठक में घरेलू बैटरी क्षेत्र को वित्तीय सहायता मुहैया कराने का भी प्रस्ताव रखा गया है। समिति ने राजस्व विभाग से सिफारिश की है कि इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए आयातित कच्चे माल पर जीएसटी व बुनियादी सीमा शुल्क खत्म किया जाना चाहिए। समिति ने यह भी कहा है कि ईवी और उसके सामानों पर जीएसटी दरें वैश्विक दरों के अनरूप की जानी चाहिए। इसने ईवी सेक्टर के लिए एक्सेलरेटेड डेप्रिसिएशन की सिफारिश की है। बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, भारीत उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के साथ सलाह के बाद नीति आयोग चरणबद्ध तरीके से विनिर्माण की योजना और बैटरी उत्पादन के लिए बड़ी फैक्टरियां स्थापित करने की योजना को अंतिम रूप देगा। पीएमपी का मकसद पहले चरण में 1.8 जीडब्ल्यूएच बैटरी उत्पादन है।  लीथियम ऑयन  बैटरियों के चरणबद्ध विनिर्माण योजना के तहत समिति ने यह प्रस्ताव किया है कि स्वदेशी बैटरी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। भारत में लीथियम ऑयन बैटरी बनाने के लिए करीब 79 प्रतिशत कच्चा माल उपलब्ध है। नीति आयोग ने प्रस्ताव किया है कि 'बैटरियों की रिसाइक्लिंग में उसके 80 प्रतिशत अवयवों को फिर से हासिल किया जा सकता है और इस तरह से रिसाइक्लिंग की समग्र नीति के तहत इसे प्रोत्साहित किया जा सकता है।' पर्यावरण और वन मंत्रालय लीथियम ऑयन बैटरी के रिसाइक्लिंग की नीति तैयार करेगा। 
 

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