महामीडिया न्यूज सर्विस
गोवा के समुद्र में दिखा भारत की ताकत का नमूना

गोवा के समुद्र में दिखा भारत की ताकत का नमूना

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 41 दिन 22 घंटे पूर्व
09/05/2019
पणजी  (महामीडिया)    संयुक्त युद्धाभ्यास में भाग लेने के लिए गोवा बंदरगाह से फ्रांस के विमानवाहक पोत समुद्र में उतरे. 8 मई को सुबह दोनों नौ सेनाओं के एयरक्राफ्ट ने समुद्र में दूर-दूर तक दुश्मन के किसी निशान की तलाश की. इसके बाद एक सबमरीन ने समुद्र के अंदर दूर तक दुश्मन के जहाज़ों के सुराग ढूंढ़े.पहले चरण में बंदरगाह पर अभ्यास हुआ. उसके बाद अब समुद्री युद्धाभ्यास में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए दोनों नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बियां सागर में उतर गई हैं. फ्रांस की तरफ से विमानवाहक पोत चा‌र्ल्स डी गाला, एफएन पोत फ्रोवेंस, ला टच ट्रेविले, फॉर्बिन और टैंकर मर्ने के साथ ही एफएन पनडुब्बी भारतीय नौसेना के साथ युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही है.भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य से उड़े मिग-29 फाइटर एयरक्राफ्ट ने फ्रेंच एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स द गौल से उड़े रफाल फ़ाइटर जेट्स के साथ मिलकर पिजन आईलैंड पर जबरदस्त बमबारी की. इस दौरान समुद्र के अंदर ही टैंकरों से जहाजों ने ईंधन लिया और लगातार कार्रवाई जारी रखी.शाम को समय दोनों नौसेनाओं ने अपनी-अपनी फ़ायरिंग के जौहर दिखाए. हवा में लांच किए गए एक टार्गेट बंशी पर दोनों नौसेनाओं के जहाजों ने अपनी तोपों और मशीनगन से फ़ायरिंग की. इस अभ्यास में फ्रेंच नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स द गौल और भारतीय नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रमादित्य भाग ले रहे हैं. फ्रेंच नौसेना की न्यूक्लियर सबमरीन और भारत की शिशुमार क्लास सबमरीन शंकुल के अलावा दोनों देशों के डिस्ट्रायर और फ्रिगेट्स भी अभ्यास में शामिल हैं. भारत और फ्रांस की नौसेना के बीच 1983 में पहली बार संयुक्त युद्धाभ्यास शुरू हुआ था. इस साझा युद्धाभ्यास को 2001 में 'वरुण' नाम दिया गया. इससे पहले, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोवा तट पर चल रहा भारत-फ्रांस संयुक्त युद्धाभ्यास दोनों देशों की नौसेना का अब तक सबसे बड़ा साझा अभ्यास है. अधिकारी ने यह भी कहा कि यह युद्धाभ्यास दोनों देशों के मजबूत समुद्री सहयोग के चरमोत्कर्ष को प्रदर्शित करता है.

  

 

 

 

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