महामीडिया न्यूज सर्विस
माँ के प्रति सम्मान का प्रतिक है 'मदर्स डे'

माँ के प्रति सम्मान का प्रतिक है 'मदर्स डे'

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 8 दिन 23 घंटे पूर्व
12/05/2019
भोपाल (महामीडिया) आज मदर्स डे है। हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को दुनियाभर में मदर्स डे मनाया जाता है। दुनिया भर में इस दिन सभी बच्चे अपनी मां का सम्मान करते हैं और जीवन भर अपनी निष्काम, निस्वार्थ भावना से उनका पालन पोषण करने के लिए अपनी मां का धन्यवाद करते हैं। मदर्स डे मां के सम्मान में मनाया जाता है। कुछ ग्रंथ मानते हैं कि मां शब्द गोवंश से जुड़ा है। गाय का बच्चा जब पैदा होता है और रंभाता है। उसके स्वर में मां अक्षर का ही नाद होता है। गाय को माता इसी कारण माना गया है। ये एकमात्र जीव है जिसके रंभाने की आवाज में मां स्वर का नाद होता है। कुछ विद्वान मानते हैं कि मां शब्द मै + आ से बना है। इसका मतलब है मैं परमशक्ति और आ का मतलब आत्मा अर्थात मां, इस तरह मां ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है जिसके माध्यम से परमेश्वर अपने अंश द्वारा अपनी शक्ति का संचार और विस्तार करता है।
वैसे तो हर दिन मां का ही दिन होता है क्योंकि मां ही वो शख्स है जिसकी वजह से हर इंसान का वजूद होता है। मां जो हर दिन अपने बच्चे की भलाई के बारे में सोचती रहती है। फिर चाहे बच्चा बड़ा हो या छोटा, मां के मन में बच्चे की फ्रिक हमेशा रहती है। मदर्स डे को उत्सव के रूप में मनाये जाने का श्रेय एक अमेरिकन महिला एना जार्विस' को जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने वर्ष 1914 में आधिकारिक रूप से मदर्स डे को मान्यता दी। मदर्स डे` के दिन दुनिया भर में लोग अपनी मां के प्रति प्रेम, विश्वास जताने के साथ उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।इस वर्ष मदर्स डे 2019 की थीम है बैलेंस फॉर बेटर। इस थीम का मुख्य उद्देश्य विश्व में जेंडर बैलेंस यानी लिंग संतुलन बनाए रखना है।यह दिन हर बच्चे के लिए खास होता है क्योंकि वह अपनी मां को बताते हैं कि वह उनके लिए कितनी खास है। इस पर्व को हर देश में अलग-अलग तरीकों से और अलग-अलग दिन मनाया जाता है। मदर्स डे को सबसे पहले ग्रीक और रोम में सेलिब्रेट किया गया था। लेकिन इसकी शुरूआत नार्थ अमेरिका से की गई थी। आज हर देश में इस पर्व को बेहतरीन तरीकों से मनाया जाता है। मां को सम्मान देने के अलावा इसके पीछे और भी कारण हैं। कहा जाता है कि पुराने समय में ग्रीस में मां को सम्मान देने के लिए एक पूजा की जाती थी। इस पूजा में स्यबेले की पूजा की जाती थी जो ग्रीक देवताओं की मां थी और उन्हीं के सम्मान में इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है।
यूरोप और ब्रिटेन में मां के प्रति सम्मान दर्शाने की कई परंपराएं प्रचलित हैं। उसी के अंतर्गत एक खास रविवार को मातृत्व और माताओं को सम्मानित किया जाता था जिसे मदरिंग संडे कहा जाता था। इसके अलावा इंग्लैंड में मदर्स डे मनाने के पीछे कुछ और कारण है। सन 1600 में इंग्लैंड के लोग वर्जिन मैरी की पूजा करते थे और उन्हें उपहार देते थे। यूएस में मदर्स डे को एक पर्व में रूप में मनाया जाता है।
थाईलैंड में मातृत्व दिवस थाइलैंड की रानी के जन्मदिन पर मनाया जाता है। भारत में इसे कस्तुरबा गांधी के सम्मान में मनाए जाने की परंपरा है। बाद में यह तारीखें कुछ इस तरह बदली कि वि‍भिन्न देशों में प्रचलित धर्मों की देवी के जन्मदिन या पुण्य दिवस को इस रूप में इसे मनाया जाने लगा। जैसे कैथोलिक देशों में वर्जिन मैरी डे और इस्लामिक देशों में पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा के जन्मदिन की तारीखों से इस दिन को बदल लिया गया। जापान में मातृ दिवस शोवा अवधि के दौरान महारानी कोजुन (सम्राट अकिहितो की मां) के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता था। आज कल इसे अपनी मां के लिए ही लोग मनाते हैं। बच्चे गुलनार और गुलाब के फूल उपहार के रूप में मां को अवश्य देते हैं।
कोई भी मां अपने बच्चों को उपहार देने के लिए नहीं कहती। हालांकि आप अपनी मर्जी से भले ही उन्हें कुछ लाकर दे दें। लेकिन यह बहुत बड़ा संकट होता है कि उन्हें गिफ्ट के तौर पर क्या दिया जाए। हमारे वश में हो तो हम पूरी दुनिया उनके कदमों में बिछा दें, लेकिन उपहार भी अपकी क्षमता के अनुसार ही देना पड़ता है और उसकी सार्थकता तभी हो सकती है जब उससे मां को खुशी मिले।

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