महामीडिया न्यूज सर्विस
दिल्ली सरकार ने कसा बड़े निजी स्कूल पर शिकंजा

दिल्ली सरकार ने कसा बड़े निजी स्कूल पर शिकंजा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 11 दिन 20 घंटे पूर्व
12/05/2019
दिल्ली (महामीडिया) दिल्ली सरकार ने नामी निजी स्कूल एपीजे की शेख सराय ब्रांच को फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी है. यही नहीं पिछले साल ज्यादा वसूले गए 2.09 करोड़ रुपये अभिभावकों को लौटाने के भी निर्देश जारी किए हैं. 30 दिन में इस पर अमल न करने पर सरकार कार्रवाई करेगी. सरकार के मुताबिक स्कूल के ऑडिट में भी हेराफेरी सामने आई है, जिसमें पता चला है कि करीब 31 करोड़ रुपये सरप्लस होने के बावजूद शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया. इससे पहले भी कुछ निजी स्कूलों पर दिल्ली सरकार ने शिकंजा कसा है.
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि पिछले साल के स्कूल के ऑडिट में कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं.  कोर्ट व सरकार के आदेश के बाद भी स्कूल ने फीस बढ़ाई. अभिभावकों की शिकायत की शिकायत पर कराए गए ऑडिट से पता चला है कि स्कूल के पास 30 करोड़ 85 लाख रुपये सरप्लस हैं. इसके बावजूद स्कूल ने इस साल ट्यूशन फीस व डेवलपमेंट चार्ज में 10 से 25 फीसदी तक की वृद्धि की है. सिसोदिया के मुताबिक 2018-19 के दौरान स्कूल ने 2.09 करोड़ रुपये ज्यादा फीस वसूली. इसलिए उसे आदेश दिया गया है कि यह रकम अभिभावकों को वापस लौटा दी जाए. सिसोदिया ने बताया कि बढ़े खर्चों के नाम पर स्कूल लगातार फीस बढ़ाता रहा. (ये भी पढ़ें: शीला दीक्षित ने खाने पर बुलाया, केजरीवाल ने पूछा- कब आऊं घर
उन्होंने बताया कि स्कूल ने साल 2011 में दस करोड़ रुपये की लागत से पंचशील एंक्लेव में कॅमर्शियल जमीन खरीदी. चार करोड़ रुपये का कॅमर्शियल कांप्लेक्स भी बनाया. स्कूल फीस से 4.5 करोड़ रुपये खर्च करके एक बिल्डिंग बनवाई. इसके पीछे स्कूल बिल्डिंग पुरानी होने का तर्क है. जबकि नियमों के मुताबिक नई बिल्डिंग बनाने का काम सोसायटी को अपने पैसे से करना होता है. एक तरह से विस्तार करके इंटरनेशनल स्कूल नाम से एक और स्कूल खोला. इस स्कूल के स्टाफ की मोटी सैलरी एपीजे स्कूल के बच्चों की फीस से दी जा रही है.
सिसोदिया के मुताबिक स्कूल ने हाउस कीपिंग के नाम पर 5.62 करोड़ रुपये के बढ़े हुए बिल लगा रखे हैं. वे इनके आधे की जानकारी भी नहीं दे पाए. सुप्रीम कोर्ट की दुग्गल कमेटी के मुताबिक कोई भी स्कूल केवल रजिस्ट्रेशन शुल्क, ट्यूशन फीस और एनुअल चार्ज ही ले सकता है. कोई अन्य सुविधा दी जा रही है तो उसकी फीस केवल सुविधा लेने वाले छात्र से ही ली जाएगी.
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