महामीडिया न्यूज सर्विस
मध्यप्रदेश में कट सकते हैं भाजपा के 16 सांसदों के टिकट

मध्यप्रदेश में कट सकते हैं भाजपा के 16 सांसदों के टिकट

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 5 दिन 8 घंटे पूर्व
11/02/2019
भोपाल (महामीडिया) आगामी लोकसभा चुनाव मध्यप्रदेश भाजपा के लिये कठिन साबित होने वाले हैं। यहां 26 सीटों में से करीब 16 सीटों पर भाजपा के लिए चुनाव जीतना मुश्किल होता दिखाई दे रहा है। यह बात संघ की रिपोर्ट से सामने आई है। दरअसल, 2018 के विधानसभा चुनावों में भी संघ ने आधे से ज्यादा विधायकों के टिकट काटने की सलाह दी थी, लेकिन भाजपा ने इसे नहीं माना और अपने मन मुताबिक टिकट बांट दिए। जिसका नतीजा ये हुआ कि 15 सालों बाद भाजपा के हाथों से सत्ता चली गई। जिसका असर अब लोकसभा पर पड़ना तय माना जा रहा है। जिसके चलते भाजपा ने फिर संघ का सहारा लिया है। भाजपा ने संघ से वर्तमान में संसदीय क्षेत्रों का फीडबैक लिया है। संघ द्वारा बीजेपी को सौंपी गई रिपोर्ट से सामने आया है कि 16 सीटों पर माहौल सांसदों के पक्ष में नही है। इसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से लेकर खजुराहो से सांसद नागेंद्र सिंह, खरगोन सांसद सुभाष पटेल, मुरैना सांसद अनूप मिश्रा सहित अन्य शामिल हैं। नागेंद्र सिंह विधानसभा चुनाव लड़े थे और नागौद से विधायक चुने गए हैं। इसलिए अब उनके चुनाव लड़ने की उम्मीदें न के बराबर हैं। प्रहलाद पटेल सहित कुछ केंद्रीय मंत्री भी अपनी लोकसभा सीट बदलना चाहते हैं। चुनाव के दौरान विधानसभा में प्रहलाद पटेल का आना-जाना तो रहा लेकिन क्षेत्र में पलायन, पेयजल संकट, किसानों की समस्याओं को वे दूर नहीं कर सके। जिसको लेकर जनता उनका भी विरोध कर सकती है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीमार होने से संभावना जताई जा रही है कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगी। उमा भारती पहले ही मना कर चुकी है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार में राज्यमंत्री वीरेंद्र खटीक पिछले एक दशक से टीकमगढ़ के सांसद हैं। लेकिन लगातार उनके और जनता के बीच दूरियां बढ़ रही हैं। लोकसभा क्षेत्र के सांसद अपने लोगों के बीच में रहते तो हैं, लेकिन उल्लेखनीय कार्य नहीं कर पाते। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार भी यहां कोई बड़ी योजना नहीं ला पाए हैं। उनके पास इस बार जनता के बीच जाकर अपने उपलब्धियां गिनाने के नाम पर सिर्फ महामना एक्सप्रेस लाना को छतरपुर से शुरू करना ही जाता है। 

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