महामीडिया न्यूज सर्विस
आस्था का प्रतीक है अल्मोड़ा के 'न्याय देवता' का मंदिर

आस्था का प्रतीक है अल्मोड़ा के 'न्याय देवता' का मंदिर

admin | पोस्ट किया गया 175 दिन 4 घंटे पूर्व
15/06/2019
अल्मोड़ा (महामीडिया) उत्तराखण्ड के चार धाम सदियों से श्रद्धालुओं के आस्था का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी मंदिर हैं, जो अपनी अलग पहचान रखते हैं। जनपद अल्मोड़ा से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर एक ऐसा ही मंदिर हैं गोल्ज्यू देवता का। चितई गोल्ज्यू देवता को भगवान शिव का अवतार माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस मंदिर में मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु आते हैं। माना जाता है कि इस मंदिर निर्माण 12वीं शताब्दी में चंद वंश के एक सेनापति द्वारा कराया गया था। श्रद्धालु भगवान के नाम पत्र लिखते हैं। कुछ तो बकायदा स्टांप के साथ पत्र को संलग्न करते हैं कि वें मन्नत पूरा होने के बाद यहां भगवान को घंटी अर्पित करेंगे। मंदिर के सीढ़ियों से लेकर पूरे मंदिर प्रांगण में हजारों घंटियां और पत्र लगे हुये हैं। इस मंदिर में विराजमान भगवान गोल्ज्यू देवता को न्याय का देवता भी कहा जाता है। कहते हैं कि जिन लोगों कोर्ट कचहरी और पंचयतों से न्याय नहीं मिल पाता, वे यहां विशेष तौर पर आते हैं। उत्तराखण्ड के तमाम बड़े नेता यहां आते रहते हैं। कोई टिकट के लिए अर्जी लगाता है तो कोई जीत की मन्नत मांगता है, जो श्रद्धालु इस मंदिर के महत्व को जानते हैं उनके लिए तो ये आस्था का प्रतीक है। 
और ख़बरें >

समाचार