महामीडिया न्यूज सर्विस
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोले प्रधानमंत्री

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोले प्रधानमंत्री

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 171 दिन 1 घंटे पूर्व
25/06/2019
नई दिल्ली (महामीडिया) लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आगे बढ़ना समय की मांग है। भारत की जन आकांक्षाओं को पूरा करना हम सबका कर्तव्य है। 60 सांसदों ने चर्चा को सार्थक बनाया। पीएम मोदी ने कहा, '2019 का जनादेश पूरी तरह कसौटी पर कसने के बाद, हर तराजू पर तौलने के बाद, पल पल को जनता ने जांचा और परखा है और उसके आधार पर समझा है और तब जाकर फिर से हमें चुना है। जीत को सरकार के समर्पण के रूप में देखा जाना चाहिए।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'ये कोई जीत या हार का प्रश्न नहीं है। ये जीवन की उस आस्था का विषय है, जनता के लिए जीना-जूझना-खपना क्या होता है और जब पांच साल की अविरत तपस्या का संतोष मिलता है तो वो एक अध्यात्म की अनुभूति करता है।' 
उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि आज 25 जून को हम लोकतंत्र के लिए प्रति हमारे समर्पण, संकल्प को और ताकत के साथ समर्पित करना होगा। जो-जो भी इस पाप के भागीदार थे, ये दाग कभी मिटने वाला नहीं है। इस दाग को बार-बार इसलिए स्मरण करने की जरूरत है ताकि फिर कोई ऐसा पाप न कर सके। भारत में लोकतंत्र संविधान के पन्नों से पैदा नहीं हुआ है, भारत में लोकतंत्र सदियों से हमारी आत्मा है। उस आत्मा को कुचल दिया गया था, मीडिया को दबोच लिया गया था। देश के महापुरुषों को सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। देश को जेलखाना बना दिया गया था और सिर्फ इसलिए कि किसी की सत्ता न चली जाए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का फैसला था, कोर्ट का अनादर कैसे होता है, उसका वह जीता-जागता उदाहरण है। 
पीएम मोदी ने कहा, 'मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि 70 साल से चली आ रही बीमारियों को दूर करने के लिए हमने सही दिशा पकड़ी और काफी कठिनाइयों के बाद भी उसी दिशा में चलते रहे। हम उस मकसद पर चलते रहे और ये देश दूध का दूध पानी का पानी कर सकता है ये सबने देखा। हमने देश आजाद होने के बाद जाने-अनजाने में एक ऐसा कल्चर स्वीकार कर लिया था, जिसमें देश के सामान्य मानवी को हक के लिए जूझना पड़ता है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'आपकी ऊंचाई आपको मुबारक हो। आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि जमीन दिखना बंद हो गई है। आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि आप जड़ों से उखड़ गए हैं। आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि आपको जमीन के लोग तुच्छ लगने लगे हैं। आपका और भी ऊंचा होना मेरे लिए संतोष और आनंद की बात है।'
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि 2004 से 2014 तक शासन में बैठे हुए लोगों ने कभी अटल जी की सरकार की तारीफ की हो। उनकी छोड़ों नरसिम्हा राव जी की सरकार की तारीफ की हो। इस सदन में बैठे हुए इन लोगों ने तो एक बार भी मनमोहन सिंह जी की सरकार का जिक्र तक नहीं किया, अगर किया हो तो बताएं।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि  मेक इन इंडिया का आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। हमारा सपना नया भारत बनाना है जिसके लिए मेक इन इंडिया जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण के कई मौके गंवा दिए। आज हम तीन तलाक बिल लेकर आए हैं और 35 साल बाद कांग्रेस के पास मौका आया है, इसे राजनीति से देखने की जरूरत नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि मुस्लिमों के उत्थान की जिम्मेदारी कांग्रेस की नहीं है, यह कांग्रेस के मंत्री ने कहा था।
उन्होंने कहा कि जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के बाद अब जय अनुसंधान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी, हमें इसलिए कोसा जा रहा कि फलाने को जेल में क्यों नहीं डाला, हम कानून से चलने वाले लोग हैं और किसी को जमानत मिली है तो वह इसका आनंद ले। लेकिन करप्शन के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी, हमें गलत रास्ते पर जाने की जरूरत नहीं है।  

और ख़बरें >

समाचार