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छत्तीसगढ़ सरकार के लिये गले की फांस बनी किसान कर्ज माफी योजना

छत्तीसगढ़ सरकार के लिये गले की फांस बनी किसान कर्ज माफी योजना

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 56 दिन 22 घंटे पूर्व
28/06/2019
रायपुर  (महामीडिया) छत्तीसगढ़ सरकार की कर्ज माफी योजना शनै-शनै समाप्ति की ओर है। 6 माह बीतने के बाद भी राष्ट्रीयकृत बैंक तो एकतरफ सहकारी समितियों में पंजीकृत किसानों की कर्जमाफी तक नहीं सकी है। अब तक सहकारी समितियां किसानों को ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र नहीं दे सकी हैं। हजारों किसानों से सहकारी बैंकों को 10 करोड़ से अधिक रकम वसूली के लिए बाकी पर अब तक शासन से रकम प्राप्त नहीं होने के कारण किसानों का ऋण माफ नही हो सका है। किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने कर्जमाफी का बड़ा ऐलान किया था, जिसमें सहकारी बैंकों और सहकारी समितियों के साथ समस्त राष्ट्रीय कृत बैंक भी शामिल थे। हालांकि, अब भी सरकार कृषि ऋण माफ करने की बात कह रही है। पर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। बड़े राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिए गए केसीसी और कृषि ऋण माफ होना तो अभी दूर की कौड़ी ही नजर आ रहा है पर जिला सहकारी बैंकों और आदिम जाति सेवा सहकारी और सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों द्वारा लिए गए अल्पकालीन कृषि ऋण भी पूरी तरह माफ नहीं हो सके हैं। पेंड्रा, गौरेला और मरवाही की 11 सहकारी समितियों के हजारों किसानों की कर्ज माफी होना शेष है। जिनमें मरवाही की 4 सहकारी समितियों के 1770 किसानों के कुल 5,96,47,000 रुपये, पेण्ड्रा सहकारी समिति के 207 किसानों के 50लाख79 हजार रुपए जबकि गौरेला के 654 किसानों के 2,37,00,000 रुपये शासन से पाना बाकी है। वहीं यह आंकड़ा बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत आने वाले 4 जिले मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कोरबा में 48000 किसानों के 246.91 करोड रुपए है, जिसे शासन से पाना बाकी है। 

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