महामीडिया न्यूज सर्विस
पिछले पांच साल में किस वर्ग को टेक्स में क्या सुविधा मिली... जाने

पिछले पांच साल में किस वर्ग को टेक्स में क्या सुविधा मिली... जाने

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 45 दिन 4 घंटे पूर्व
06/07/2019
नई दिल्ली (महामीडिया) केंद्र की मोदी सरकार की दूसरी प्रचंड जीत के बाद पहला बजट पेश हो चुका है। बजट में मध्‍यम वर्ग के लिए टैक्‍स के मामले में कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। सरकार ने आम बजट में 45 लाख तक के मकान खरीदने वालों को लोन के ब्याज पर 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट का ऐलान किया गया है। अंतरिम बजट में घोषित 5 लाख से ज्यादा सालाना आय पर टैक्स को भी बरकरार रखा गया है। जीएसटी के लागू होने के बाद से जनता पर टैक्स के बोझ में भी बड़ा अंतर आया है। 
5 लाख तक आय वालों को फायदा 
2014 में 5 लाख रुपये की कमाई वाले लोगों को 5.7 फीसदी टैक्स देना होता था, लेकिन आज उन्हें 3.4 पर्सेंट टैक्स ही चुकाना होता है। इसे आंकड़ों के लिहाज से समझें तो 2014 में जहां 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को 11,845 रुपये यानी आय का 2.37 फीसदी हिस्सा कर के तौर पर चुकाना होता था, वहीं उन्हें कोई टैक्स नहीं देना पड़ता। अब बात करते हैं इनडायरेक्ट टैक्स की, इस मद में उन्हें 16,634 रुपये सालाना चुकाने पड़ते थे, जो 3.33 फीसदी था। हालांकि अब यह बढ़कर 16,880 यानी 3.38 पर्सेंट हो गया है। इस तरह 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को अब टैक्स में करीब 11,500 रुपये तक की छूट मिली है। 2014 में वे 28,479 रुपये टैक्स अदा करते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा 16,880 पर आ पहुंचा है। 
9 लाख तक वालों को सबसे ज्यादा लाभ 
सालाना 9 लाख रुपये आय वाले लोगों को टैक्स में 2.4 फीसदी का लाभ हुआ है। 2014 में इस वर्ग को 13.8 फीसदी आय कर के तौर पर चुकानी पड़ती थी, लेकिन 2019 में उन्हें 11.4 फीसदी ही अदा करना पड़ रहा है। एक तरह से इस वर्ग को ही बीते 5 सालों में टैक्स में सबसे ज्यादा राहत मिली है। यह वर्ग 5 साल पहले सालाना 84,460 रुपये टैक्स के तौर पर अदा करता था, लेकिन 2019 में उन्हें 61,771 ही चुकाने पड़ रहे हैं। इनडायरेक्ट टैक्स में हालांकि कुछ अधिक राशि अदा करनी पड़ रही है। पहले सालाना 39,729 रुपये अप्रत्यक्ष कर तौर पर खर्च होते थे, लेकिन अब 40,686 रुपये लग रहे हैं। इस तरह 9 लाख तक की आय वाले लोगों को 1,24,189 रुपये की बजाय अब 1,02,456 रुपये ही चुकाने पड़ रहे हैं। 
30 लाख कमाई वाले भी रहे फायदे में 
इस वर्ग को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट दोनों तरह के टैक्स में फायदा मिला है। पहले उन्हें 6,91,000 रुपये इनकम टैक्स चुकाना पड़ता था, जो अब घटकर 6,62,453 हो गया है। इसी तरह इनडायरेक्ट टैक्स में भी मामूली राहत मिली है। पहले 1 लाख 6 हजार चुकाने पड़ते थे, अब जेब पर 1 लाख 2 हजार रुपये तक का ही बोझ पड़ता है। इस तरह 30 लाख तक कमाई वालों की जेब से अब 7,64,000 रुपये टैक्स जा रहा है, जो पहले 7 लाख 97 रुपये के करीब था। 
60 लाख तक आय वालों को बड़ा नुकसान 
2014 में इस क्लास को 30.8 फीसदी टैक्स के तौर पर चुकाने पड़ते थे, अब यह बढ़कर 32.9 फीसदी हो गया है। कह सकते हैं कि टैक्स स्लैब में बदलाव से बीत 5 सालों में अपर मि़डल क्लास सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। 2014 में इन्हें इनकम टैक्स के तौर पर 16,18,130 रुपये अदा करने पड़ते थे, अब यह बढ़कर 17 लाख 58 हजार रुपये के करीब हो गया है। इनडायरेक्ट टैक्स में हालांकि मामूली राहत मिली है, पहले यह 2,27,021 रुपये था और अब 2 लाख 15 हजार रुपये के करीब है। इस तरह इस क्लास को अब 19,74,044 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि पहले यह 18,45,151 रुपये था। 
1 करोड़ से ज्यादा वालों को मामूली नुकसान 
साल में 1.2 करोड़ रुपये तक की कमाई वाले लोग 2014 में 35.2 फीसदी टैक्स लगता था, जो अब 36.7 पर्सेंट हो गया है। पहले इन्हें 38,19,343 रुपये आयकर के तौर पर देने पड़ते थे, अब यह आंकड़ा 39,91,021 रुपये हो गया है। इसके अलावा अप्रत्यक्ष के तौर पर यह क्लास 4 लाख 2 हजार रुपये चुकाता था। अब यह 4 लाख 17 हजार रुपये के करीब हो गया है। 

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