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महर्षि संस्थान में श्रीगुरुपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मना

महर्षि संस्थान में श्रीगुरुपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मना

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 88 दिन 3 घंटे पूर्व
24/07/2019
भोपाल (महामीडिया) महर्षि महेश योगी संस्थान में श्रीगुरुपूर्णिमा का स्वर्ण जयंती समारोह एवं विश्व शांति आंदोलन का स्थापना दिवस समारोह ब्रह्मचारी गिरीश जी की उपस्थिति में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संपूर्ण महर्षि परिवार ने शंकराचार्य ब्रह्मलीन ब्रह्मानंद सरस्वती एवं परम् पूज्य संत महर्षि महेश योगी के श्री चरणों में वर्ष भर की उपलब्धियों को समर्पित करते हुए नवीन वर्ष में नये संकल्पों हेतु अपने गुरु से आर्शीवाद मांगा। 
इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष एवं महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ब्रह्मचारी गिरीश ने कहा कि आज महर्षि विश्व शांति आंदोलन का ग्यारवां स्थापना दिवस भी है इसलिए आज का दिन इतना विशिष्ट है कि यह हमारे गुरुदेव का दिन है। वहीं अच्छी बात है कि हमारे गुरु का नाम ब्रह्मानंद सरस्वती है अर्थात जो आनंद है वह ब्रह्मानंद से आया है। यही हमारी ब्रह्महीय चेतना का आनंद है। हम इसी का उत्सव मनाते हैं। हमें हमारे गुरु में समस्त गुरु परंपरा निहित है। गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश है अर्थात गुरु में इन तीनों के गुण समाये हुये हैं। गुरु की चेतना सार्वभौमिक है एवं समर्थ चेतना है और यह परिपूर्ण भी है। 
ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि वे 1979 में पहली बार गुरुपूर्णिमा महोत्सव में शामिल हुये थे। तब से लेकर आज तक प्रत्येक गुरुपूर्णिमा में शामिल होने का अवसर मिल रहा है और रोम-रोम में गुरु की महत्ता समाई हुई है। गुरु की चेतना, आत्मा सर्वव्यापी है, उनकी चेतना जीवित है, उनके सिद्धांत जीवित हैं। हम भगवान विष्णु की पूजा इसलिए करते हैं कि माता लक्ष्मी की कृपा हमें अपने आप मिल जाये। गुरु परंपरा में गुरुपूर्णिमा के अवसर पर उनका गुणगान करते हैं। इन गुणों को सुनने से हमारी चेतना जागृत हो जाती है। 
ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि जब हम भावातीत ध्यान करते हैं तो समस्त देवताओं के गुण हमें मिल जाते हैं। इसीलिए इससे यह सिद्ध हो जाता है कि उसके सारे कार्य अपने आप बिना बाधा के संपन्न हो जाते हैं। कौशल विकास की यह युक्ति आज सभी को मालूम नहीं है, इसे जानने की आवश्यकता है। यह कथायें नहीं बल्कि सत्य तथ्य हैं। चेतना की शक्ति, संकल्प की शक्ति बहुत ताकतवर है और यह वैदिक गुरु पंरपरा से हासिल किया जा सकता है। लोग कहते हैं कि गुरु ऋण कैसे चुकाया जाता है जो ज्ञान हमको गुरु से मिला है उसे अपने दोनों हाथों से बांटों। यह गुरु परंपरा की देन है, यह माँ सरस्वती का भंडार है, इसे जितना बांटोगे, उतना ही बढ़ेगा। महर्षि परिवार के सदस्यों को चेतना की कुंजी मिली हुई है, यह चाबी सभी संभावनाओं के द्वार खोलती है। जहां हो, जैसे हो, ध्यान और साधना करो। महर्षि महेश योगी जी कहा करते थे कि नियमित भावातीत ध्यान करो, चिंतन करो, मनन करो। 
ब्रह्मचारी गिरीश जी का मत है कि हम सभी वैदिक गुरु परंपरा के ऋणी हैं इसलिए हमें गुरु ऋण चुकाने के लिए निरंतर ज्ञान को बाँटना है। इसके साथ ही ब्रह्मचारी गिरीश जी ने मंच से महामीडिया मासिक पत्रिका का जुलाई का गुरुपूर्णिमा विशेषांक, महर्षि विश्व शांति आंदोलन का त्रैमासिक न्यूज लेटर एवं महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय द्वारा प्रो. भुवनेश शर्मा के लेखों का संग्रह लोकार्पित किया। इसके पश्चात् ब्रह्मचारी गिरीश एवं मंच पर उपस्थित समस्त अतिथियों ने महर्षि विद्या मंदिर रतनपुर के प्रांगण में एक-एक वृक्ष लगाकर वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर महर्षि वेद विज्ञान वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भुवनेश शर्मा ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण होता है क्योंकि गुरु जो ज्ञान देते हैं, वह पूर्ण और व्यवहारिक ज्ञान देते हैं। इसीलिए हम सभी यहाँ से यह संदेश लेकर जायें कि हम इस पूर्ण ज्ञान को जीवन में उतारें और दूसरों तक भी इस ज्ञान की रोशनी को फैलायें। महर्षि महेश योगी जी कहा करते थे- ?आधुनिक विज्ञान, वैदिक विज्ञान के सामने मात्र एक बिंदु के समान है। हम प्रतिदिन भावातीत ध्यान का नियमित अभ्यास करें। वैश्विक राम राज्य की स्थापना के लिए हम सभी को इसे अपनाना चाहिए। महर्षि महेश योगी जी के सपनों को साकार करने के लिए हमें उनके बताये हुए रास्ते पर चलना चाहिए।? इसके पश्चात् नागपुर के विश्व प्रसिद्ध भजन गायक आनंद देशमुख एवं उनके समूह द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर महर्षि शिक्षा संस्थान के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, महर्षि विश्वविद्यालय आफ मैनेजमेंट एवं टेक्नोलाजी बिलासपुर के डॉ. पंकज त्रयंम्बक चांदे, ध्यान सिद्धि कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक राम विनोद गौर, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निदेशक, शैक्षणिक चंद्र देव शर्मा, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निदेशक वित एवं लेखा वेद प्रकाश तिवारी, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निदेशक, निर्माण अखिलेश श्रीवास्तव, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निदेशक, वित, बी.एम. जैन, वैद्यराज बालेदु शेखर द्विवेदी एवं महर्षि विश्व शांति आंदोलन की राष्ट्रीय संचार सचिव श्रीमती आर्या नंदकुमार मंच पर उपस्थित थीं।

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