महामीडिया न्यूज सर्विस
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिया कर्नाटक का बदला

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिया कर्नाटक का बदला

admin | पोस्ट किया गया 87 दिन 4 घंटे पूर्व
25/07/2019
भोपाल (महामीडिया) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 24 घंटे के भीतर कर्नाटक का बदला ले लिया है। कांग्रेस ने बीजेपी के दो विधायक ऐसे समय में तोड़ लिए जब बीजेपी एमपी में कमलनाथ सरकार को गिरा देने की बात कह रही थी। बीजेपी के दो बागी विधायकों ने कमलनाथ सरकार के लिए वोटिंग कर बीजेपी की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं कांग्रेस के इस चाल से अनजान बीजेपी अब लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। कर्नाटक में ऑपरेशन कमल की कामयाबी के बाद मध्य प्रदेश में मिशन कमलनाथ में जुटी बीजेपी सत्ता पलटने का सपना देख रही थी लेकिन उसे क्या पता था कि जिस कर्नाटक में कांग्रेस विधायक बागी बन गए वही खेल अगर मध्य प्रदेश में हुआ तो उसके अपने ही बागी बन जाएंगे। मध्य प्रदेश की राजनीति में अचानक से सबकुछ इतनी तेजी से बदला जिसकी उम्मीद बीजेपी को कभी नहीं थी। सत्ता परिवर्तन पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग हो ही रही थी कि कमलनाथ ने ऐसी चाल चली कि बीजेपी देखती रह गई। दरअसल कल मध्य प्रदेश विधानसभा में कमलनाथ ने क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट बिल पेश किया था। बिल पेश करने के बाद सीएम ने इस बिल पर वोटिंग करा दी। बिल के पक्ष में 122 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 106 वोट पड़े। हैरान करने वाली बात ये थी कि बीजेपी के 2 विधायकों ने भी बिल के पक्ष में वोट किया। वोटिंग के बाद से बीजेपी के दोनों विधायक सीएम कमलनाथ और कांग्रेस का गुणगाण करने में जुटे हैं। इन विधायकों ने ना केवल कमलनाथ के पक्ष में वोटिंग की बल्कि विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद बाकायदा कमलनाथ के साथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। कांग्रेस का दावा है कि एमपी में कमलनाथ सरकार को 122 विधायकों का समर्थन हासिल है लेकिन कांग्रेस से मात खाई बीजेपी इसे लोकतंत्र की हत्या बता रही है। बीजेपी के बागी विधायक नारायण त्रिपाठी ने राजनीति की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी। फिर बाद में वो कांग्रेस से जुड़ गए और विधानसभा पहुंचे लेकिन कांग्रेस उन्हें रास नहीं आई और उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। अब एक बार फिर से वो कांग्रेस में जाने को बेताब दिख रहे हैं। यही हाल कांग्रेस के समर्थन में वोट डालने वाले दूसरे विधायक शरद कोल का है। शरद कौल टिकट की मांग को लेकर कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए थे और चुनाव जीते लेकिन अब एक बार फिर से इन्हें कांग्रेस रास आ रही है।
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