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पर्वों की शुरुआत का प्रतीक है हरतालिका तीज

पर्वों की शुरुआत का प्रतीक है हरतालिका तीज

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 49 दिन 3 घंटे पूर्व
01/09/2019
भोपाल  [महामीडिया ]  श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज कहते हैं। इसे हरियाली तीज या कजली तीज के रूप में भी मनाया जाता है। कन्याएं योग्य वर पाने की कामना से और विवाहित स्त्रियां दांपत्य की खुशहाली के लिए यह व्रत करती हैं। इस दिन कुमारी और विवाहित स्त्रियां गौरी-शंकर की पूजा करके उनसे अखंड सौभाग्य का वर मांगती हैं। व्रत इस साल 2 सितंबर को है।मां पार्वती ने जंगल में निर्जला रहकर और पत्तियां चबाकर व्रत किया और तीज के दिन शिवजी को पति के रूप में पाया था। शिव जैसा वर पाने की आकांक्षा और अपने सौभाग्य को अखंड रखने के लिए स्त्रियां इस व्रत को करती हैं।
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