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पूना से आकर पोहरी में विराजे इच्छापूर्ण गणेश

पूना से आकर पोहरी में विराजे इच्छापूर्ण गणेश

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 48 दिन 1 घंटे पूर्व
02/09/2019
शिवपुरी [ महामीडिया ]नगर से 35 किलोमीटर दूर पोहरी किले के समीप कांच के श्री इच्छापूर्ण गणेश मंदिर की अलौकिक छटा देखते ही बनती है। करीब 250 साल पहले सिंधिया राजवंश ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। उनकी बेटी बालाबाई शितोले ने पूना महाराष्ट्र से गणेश प्रतिमा लाकर यहां प्रतिष्ठा कराई। पुजारी अनिल खंडालकर बताते हैं कि उन्हीं के किले की खिड़की के सामने गणेश जी को स्थापित कराया। जिससे सीधे दर्शन हुआ करें। साल 1913 में विश्वनाथ खंडालकर ने इस मन्दिर की देख-रेख शुरू की। तब से 4 पीढ़ी गणेश जी की सेवा करती आ रही हैं।इस मंदिर की विशेषता है कि यहां आने वाले भक्त नारियल पर कलावा बांधकर रखने के पहले अपने मन की इच्छा गणेश जी के समक्ष मन ही मन कहते है और उनकी मनोकामना पूरी भी होती है। खासतौर पर मन चाहा वर पाने के लिए युवतियां भी ऐसा करती हैं। जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो श्रद्धालु प्रसाद अर्पित करने फिर से आते हैं और कन्याभोज भी कराते हैं।

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