महामीडिया न्यूज सर्विस
मप्र में जयकारों के साथ गणपति बप्पा को दी जा रही है विदाई, निकलेंगे चल समारोह

मप्र में जयकारों के साथ गणपति बप्पा को दी जा रही है विदाई, निकलेंगे चल समारोह

admin | पोस्ट किया गया 86 दिन 22 घंटे पूर्व
12/09/2019
भोपाल (महामीडिया) अनंत चतुर्दशी के साथ ही आज दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन हो गया। लगातार बारिश के बीच शहर में जगह-जगह ढोल ढमाकों पर नाचते गाते भक्त, भजन की गूंज के साथ ट्रेक्टर ट्रॉलियों, ऑटो, दोपहिया वाहन सहित गणेश प्रतिमाएं लेकर विसर्जन घाटों पर पहुंच रहे हैं। जहां गणेश प्रतिमाओं का विजर्सन किया जा रहा है। शहर में इस बार कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने जगह-जगह विसर्जन कुंड बनाए थे, जिसमें भी गणेश प्रतिमाओं का विजर्सन लोगों द्वारा किया जा रहा है। एमपी नगर, बरखेड़ा पठानी, मिनाल रेसीडेंसी, गायत्री चेतना केंद्र कोलार सहित अनेक स्थानों पर कुंड की व्यवस्था की गई है, यहां भी बड़ी संख्या में लोग विसर्जन कर रहे हैं। शहर में सुबह से ही बप्पा के जयकारे गूंजने लगे थे। शहर के खटलापुरा, प्रेमपुरा, कमलापति घाट सहित अनेक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
गणेश विसर्जन का मुख्य चल समारोह आज रात्रि में निकलेगा। चल समारोह बस स्टैंड चौराहे से शुरू होगा, जो घोड़ा नक्कास, हनुमानगंज, मंगलवारा, इतवारा, लखेरापुरा, पीरगेट, मोती मस्जिद, कमला पार्क होते हुए कमलापति घाट और प्रेमपुरा पहुंचेगा। यहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। चल समारोह में 100 से अधिक चलित झाकियां और सैकड़ों गणेश प्रतिमाएं शामिल रहेगी, साथ ही ढोल ढमाके, डीजे, तासे, बैंड, करतब दिखाते अखाड़े भी शामिल होंगे।
बता दें कि, गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति की स्थापना के बाद अनंत चतुर्दशी पर प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इस दिन भी पिछले 10 दिनों की तरह पूजा, आरती और भोग लगाया जाता है। इसके बाद विसर्जन के समय फिर से पूजा की जाती है। इसे उत्तर पूजा भी कहा जाता है। फिर आरती कर विसर्जन मंत्र के साथ प्राण-प्रतिष्ठित मिट्टी की गणेश प्रतिमा का घर में या नदियों, तालाबों में विसर्जन किया जाता है। 

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