महामीडिया न्यूज सर्विस
राम जन्मभूमि मामले में दो पक्षकारों ने मध्यस्थता की पेशकश की

राम जन्मभूमि मामले में दो पक्षकारों ने मध्यस्थता की पेशकश की

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 28 दिन 15 घंटे पूर्व
16/09/2019
नई दिल्ली (महामीडिया) उच्चतम न्यायालय में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले की पिछले 23 दिनों से नियमित सुनवाई हो रही है। इस विवाद की दो मुख्य पार्टियां सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्वाणी अखाड़े ने अदालत द्वारा गठित मध्यस्थता समिति को एक पत्र लिखा है। दोनों पक्ष एक बार फिर से कोर्ट के बाहर बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझाना चाहते हैं। यह विवाद अयोध्या की 2.77 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्वाणी अखाड़े ने न्यायालय के मध्यस्थता पैनल में विश्वास जताया है और समझौते पर बातचीत करने की मांग की है। जमात उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सुहैब कासमी ने कहा कि 2016 में अयोध्या वार्ता कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी एक बार फिर भूमि विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के प्रभावशाली लोगों को शामिल कर बातचीत करेगी। मध्यस्थता प्रक्रिया संभवत: अक्टूबर से शुरू होगी। 
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