महामीडिया न्यूज सर्विस
मप्र के भिंड-मुरैना में बाढ़

मप्र के भिंड-मुरैना में बाढ़

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 84 दिन 7 घंटे पूर्व
20/09/2019
ग्वालियर (महामीडिया) बाढ़ की चपेट में आए ग्वालियर अंचल के तीनों जिलों में हालात कुछ हद तक संभले हैं। इसके बावजूद अभी भी मुरैना के 18 और भिंड के 68 गांवों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में लोग अभी भी शिविरों में रुके हुए हैं। बाढ़ से हजारों हैक्टेयर में बोई गई फसल बर्बाद हो गई है। साथ ही घरों में भी खासा नुकसान हुआ है। मुरैना में पुराने राजघाट पुल से पानी नीचे उतर गया है, लेकिन अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। इस बीच प्रशासन ने नुकसान का सर्वे करवान शुरू कर दिया है। 
चंबल और पार्वती नदी की बाढ़ में हुए नुकसान का प्राथमिक सर्वे जिला प्रशासन ने करवा लिया है। रिपोर्ट गुरुवार को प्रभारी मंत्री लाखन सिंह यादव के सामने रखी गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि 140 किमी एरिया में खड़ी 4426 हैक्टेयर की फसलें बाढ़ से बर्बाद हुई हैं। जिला प्रशासन ने खराब हुई फसलों के नुकसान का आकलन 3 करोड़ 63 लाख रुपए माना है। इसके अलावा बाढ़ की चपेट में आकर 312 कच्चे-पक्के मकान प्रभावित हुए हैं। इन 312 मकानों में से 7 मकान तो ऐसे हैं, जो पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। इसके अलावा अभी तक बाढ़ से 7070 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 450 से ज्यादा को सुरक्षित निकाला गया।
मुरैना में चंबल का जल स्तर बेशक कम हो रहा है, लेकिन अभी भी जिले के 18 गांवों के लोग पानी से घिरे हुए हैं और इनमें 25 सौ से अधिक लोग फंसे हुए हैं। बाढ़ की वजह से 52 गांव से अधिक प्रभावित हुए हैं। वहीं प्रशासन ने 4 हजार 300 लोगों को रेस्क्यू किया है। कलेक्टर प्रियंकादास के अनुसार बाढ़ की वजह से अंचल की 28 हजार 50 हैक्टेयर की फसल प्रभावित हुई है और 3 करोड़ के नुकसान की आशंका है।
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