महामीडिया न्यूज सर्विस
तिब्बत की आजादी और कैलाश मानसरोवर की मुक्ति ही मुख्य मकसद

तिब्बत की आजादी और कैलाश मानसरोवर की मुक्ति ही मुख्य मकसद

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 24 दिन 10 घंटे पूर्व
20/09/2019
भोपाल [ महामीडिया ] भारत तिब्बत सहयोग मंच एक राष्ट्रवादी संगठन है ! इसकी स्थापना 5 मई 1999 को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में हुई थी ! चूँकि, संगठन ने 20 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है ! बीस वर्ष पूरा करने के उपलक्ष्य में भारत तिब्बत सहयोग मंच राजधानी दिल्ली के इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में 21-22 सितम्बर 2019 को एक राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन कर रहा है !  जहाँ तक इस संगठन की बात है तो इसका मुख्य मकसद है तिब्बत की आजादी और कैलाश मानसरोवर की मुक्ति ! हम इसी मकसद को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं ! श्री मुदगल का कहना है कि हमारे संगठन के द्वारा पूरे देश में वर्ष 2018-19 को तिब्बत कैलाश मुक्ति संकल्प वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है ! मंच के कार्यकर्ता प्रदेशवासियों से संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करवा रहे हैं ! अभी तक 1 लाख से अधिक संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करवाये जा चुके हैं ! ये सभी संकल्प पत्र महामहिम राष्ट्रपति महोदय को सौपे जायेंगे ! आज पूरा देश यह मानता है कि जब तक तिब्बत आजाद नहीं होगा तब तक देवों के देव महादेव भोलेनाथ शिव शंकर के निवास स्थान कैलाश मानसरोवर की मुक्ति संभव नही है, क्योंकि कैलाश मानसरोवर चीन के अवैध कब्जे में है ! अत: कैलाश मानसरोवर की मुक्ति के लिए यह अति आवश्यक है कि पहले तिब्बत को आजाद कराया जाये !
इस दृष्टि से देखा जाये तो 21-22 सितम्बर को दिल्ली में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय अधिवेशन मील का पत्थर साबित होगा ! आज तिब्बत की आजादी को लेकर पूरे विश्व ने भले ही चुप्पी साध ली हो किन्तु भविष्य में पूरा विश्व तिब्बत की आजादी के लिए निश्चित रूप से आगे आएगा क्योंकि पूरी दुनिया को यह पता चल चुका है कि चीन की विस्तारवादी नीति पूरे विश्व के लिए घातक है ! भारत में पाकिस्तान द्वारा जो आतंकवाद फैलाया जा रहा है उसे चीन भी शह दे रहा है ! इस बात का पता अब पूरी दुनिया को चल चुका है ! जहां तक रही बात भारत की तो यहाँ चीनी सामान के बहिष्कार का पूर्ण रूप से वातावरण बन चुका है !इस राष्ट्रीय अधिवेशन से अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान तिब्बत की आजादी की तरफ जायेगा और एक दिन ऐसा जरुर आयेगा जब शांति के लिए नोबेल पुरष्कार से सम्मानित विश्व शांति के प्रतीक परम पावन दलाई लामा जी की बात पूरा विश्व सुनेगा, समझेगा और उस पर अमल भी करेगा यानी तिब्बत की आजादी की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देगी ! तिब्बत का मामला पूरी दुनिया के समक्ष आकर ही रहेगा ! भारत माता के मुकुट हिमालय पर विदेशी आसुरी शक्तियों की गलत निगाह और अधिक परवान चढ़े , इससे पहले इन आसुरी शक्तियों के मंसूबों पर पानी फेरकर इनके फन कुचल देना है ! हमारा संगठन इसके लिए निरंतर जन जागरण में लगा है ! भारत तिब्बत सहयोग मंच के कार्यकर्ता निरंतर देशवासियों को यह बताने के लिए कार्य कर रहे हैं कि चीन सदैव से ही भारत की सीमाओं में हस्तक्षेप व शत्रुतापूर्ण व्यवहार करता रहा है और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का समर्थन करता है ! ऐसे देश का कोई भरोसा नहीं कि कब क्या कर दे ? अतीत में हिंदी चीनी भाई ? भाई नारे को भुलाकर भारत की पीठ में छूरा घोंपने का कार्य कर चुका है ! भारत के लोग यदि चीनी सामानों का बहिष्कार कर  दें तो चीन की आर्थिक रूप से कमर टूट जायेगी और उसकी सारी हेकड़ी निकल जायेगी !
राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रथम दिन यानी उद्घाटन सत्र (21 सितम्बर ) में माननीय इन्द्रेश जी (वरिष्ठ प्रचारक,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), डा. कुलदीप चन्द्र अग्निहोत्री (कुलपति, केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश), श्री आलोक कुमार  (पूर्व उपाध्यक्ष ,  दिल्ली विधानसभा एवं अन्त्तर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद) और श्री श्याम जाजू (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाजपा) का मार्गदर्शन एवं सानिध्य प्राप्त होगा ! अधिवेशन के दूसरे दिन यानी विशाल जन सम्मलेन (22 सितम्बर ) में माननीय इन्द्रेश जी, डा. लोबसंग सान्गये जी (प्रधानमंत्री, निर्वासित तिब्बत सरकार) एवं  श्री मनोज तिवारी जी (सांसद एवं अध्यक्ष भाजपा दिल्ली प्रदेश ) का मार्गदर्शन एवं सानिध्य प्राप्त होगा !


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