महामीडिया न्यूज सर्विस
ट्रम्प के सामने इमरान की फिर किरकिरी

ट्रम्प के सामने इमरान की फिर किरकिरी

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 29 दिन 22 घंटे पूर्व
24/09/2019
नईदिल्ली  [महामीडिया ]पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को खूब खरी खरी सुनाई। दोनों की साझा प्रेस कांफ्रेस में पाकिस्तानी मीडिया ने कश्मीर से लेकर मानवाधिकार के मुद्दों तक ट्रंप से हर तरह के सवाल किए। यहां तक डोनल्ड ट्रंप से मध्यस्थता पर भी सावल हुए लेकिन ट्रंप ने इन सवालों के जो जवाब दिए उससे ना सिर्फ पूरी पाकिस्तानी मीडिया के चेहरा का रंग उड़ गए इमरान खान भी पूरी दुनिया के सामने शर्मसार हो गए। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुनियाभर में प्रॉपगैंडा फैलाने में जुट गया। यहां तक कि पाकिस्तानी मीडिया भी नई दिल्ली के खिलाफ ऐसे ही प्रॉपगैंडा में लगी हुई है। साझा प्रेस कांफ्रेस में पाकिस्तानी चैनल का रिपोर्टर कश्मीर पर सवाल पूछना चाह रहा था। उसने ट्रंप से सवाल किया क्या आपको कश्मीर के हालात की जानकारी है। ना खाने को खाना है, ना बिजली है ना पानी। बस इतना ही पूछा था रिपोर्टर ने कि ट्रंप ने इमरान खान से पूछ लिया ऐसे रिपोर्टर कहां से लाते हैं आप।
पाकिस्तान की आदत हो गई है अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बेइज्जत होने की। इसमें बस नया ये था कि बेइज्जत खुद डोनाल्ड ट्रंप कर रहे थे। अंक और पत्रकार ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का सवाल उठा लिया। जवाब में ट्रंप ने कहा, वहां तो सब ठीक है। हद तो तब हो गई जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्रंप की चापसूली करते हुए कहा कि अगर आप कश्मीर मुद्दा का समाधान करते हैं तो नोबल पुरस्कार के हकदार हो जाएंगे।ट्रंप ने इमरान खान और उनके पत्रकारों की मौजूदगी में 'हाउडी मोदी' की मेगा रैली की तारीफ की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने उस मेगा रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'बेहद आक्रामक बयान' सुना है। उन्होंने ह्यूस्टन में एनआरजी स्टेडियम में 50 हजार लोगों की भीड़ का जिक्र करते हुए कहा, 'इसे वहां काफी अच्छा समर्थन मिला।'साफ नजर आ रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप के जवाब से इमरान खान के चेहरे का रंग उड़ गया था लेकिन जब उन्होंने 50000 की भीड़ का जिक्र किया तो पाकिस्तान समझ गया होगा कि अमेरिका के सामने उसकी हैसियत क्या है। इससे पहले प्रेस वार्ता के दौरान कश्मीर मुद्दे को लेकर मध्यस्थता की बात हुई। इस पर ट्रंप ने पुरानी बात दोहराते हुए कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान दोनों राजी होते हैं तो वह मध्यस्थता के लिए तैयार हैं।

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