महामीडिया न्यूज सर्विस
उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर

उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 72 दिन 3 घंटे पूर्व
28/09/2019
लखनऊ [ महामीडिया ] उत्तर प्रदेश में करीब-करीब सूखा गुजरे सावन की कसर मानसून ने भादो की विदाई होते-होते पूरी कर ली। करीब एक हफ्ते से अधिकांश जिलों में जारी बारिश पिछले दिनों में आफत बन गई। शुक्रवार को भी पूरे दिन आसमां जमकर गरजा-बरसा। इस कारण नदी-नाले पूरे उफान पर हैं। शहरी इलाके जलमग्न हैं तो हवा ने उड़द, धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है। सैकड़ों मकान धराशायी हो गए। बारिश के कारण विभिन्न तरह के हादसों में 48 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बाढ़ की आशंका और जलभराव के कारण तमाम लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिलसिला रविवार तक जारी रहेगा।भारी बारिश के चलते अमेठी में 200 से अधिक मकान ढह गए, जिसमें दबकर सात लोगों की मौत हो गई। जबकि अयोध्या के रुदौली में 138 कच्चे भरभराकर गिर गए। लखनऊ समेत अन्य जिलों में कच्ची दीवार और मकान ढहने से तीन की मौत हो गई। 22 लोग लोग घायल हुए हैं। लखनऊ में अगले दो दिन में कुछ राहत मिलने का अनुमान हैं लेकिन, पूर्वी उत्तर प्रदेश को बादल घेरे रहेंगे।प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, प्रतापगढ़ तथा कौशांबी जिलों में गरज तरज के साथ लगातार हो रही मूसलधार बारिश से शुक्रवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। तीनों जिलों में कुल 11 लोगों की मौत हुई, जबकि आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए। प्रयागराज शहर के अल्लापुर मोहल्ले मे घरों में पानी घुस गया। प्रतापगढ़ रेलवे जंक्शन पर ट्रैक पर पानी भर गया। कौशांबी में अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।गोरखपुर-बस्ती मंडल में 25 सितंबर की शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार तक जारी रहा। देवरिया में लगातार हो रही बारिश ने दो लोगों की जान ले ली। कानपुर और आसपास के जिलों में गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार दोपहर तक कहीं हल्की तो कहीं तेज होती रही। बारिश के दौरान कानपुर और आसपास के जिलों में सात लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग जख्मी हो गए।वाराणसी मंडल समेत पूर्वांचल में बाढ़ के बाद अब गुरुवार की शाम से लगातार बारिश ने सभी जनपदों में जल प्लावन जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। जगह-जगह रास्ते बाधित हो गए। जनपदों में इंटर तक विद्यालय बंद करने के आदेश दिए गए हैं। बारिश के दौरान गिरे मकान के मलबे में दबकर चंदौली में मां व दो बेटों सहित पांच लोग, वाराणसी में चार, भदोही में दो व आजमगढ़ व जौनपुर में एक-एक लोगों की मौत हो गई। घटनाओं में दर्जनों लोग घायल हो गए। लगातार बारिश से जलजमाव की समस्या पैदा हो गई है। स्कूल, अस्पताल, मकान व कारखाने आदि भी जलजमाव की चपेट में आ गए। कानपुर में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय  के मौसम वैज्ञानिकों ने दावा किया कि वर्ष 2008 से लेकर अभी तक 27 सितंबर को कभी इतनी बारिश नहीं हुई। उन्होंने पूर्वानुमान जताया कि शनिवार व रविवार को भी बारिश होगी। बांदा में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। महोबा में मकान पर बरगद का पेड़ गिरने से दो मंजिला मकान भरभराकर बैठ गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। चित्रकूट में बारिश से कई कच्चे मकान ढह गए वहीं हाईवे समेत कई जगह सड़कें धंस गईं हैं। कन्नौज में दस कच्चे मकान गिर गए, जिनमें दबकर 12 लोग घायल हो गए। उन्नाव में तेज बारिश से रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से लखनऊ-कानपुर रेल रूट पर 9.30 घंटे रेल यातायात बाधित रहा। मकान गिरने से चार लोग घायल हो गए। कानपुर देहात में मकान गिरने से दो लोग घायल हुए हैं।सहारनपुर में गुरुवार रात शिवालिक पहाड़ियों में हुई भारी बारिश से आई बाढ़ ने सिद्धपीठ शाकंभरी देवी परिक्षेत्र में तबाही मचा दी। कई दुकानें बाढ़ की भेंट चढ़ गईं। बाढ़ में बहे एक दुकानदार की मौत हो गई, दो गंभीर रूप से घायल हो गए। 



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