महामीडिया न्यूज सर्विस
दांत में तकलीफ हो तो हो सकते हैं मधुमेह के लक्षण

दांत में तकलीफ हो तो हो सकते हैं मधुमेह के लक्षण

Suraj Singh Chandel | पोस्ट किया गया 1165 दिन 23 घंटे पूर्व
11/08/2015
नई दिल्ली[महामीडिया] मधुमेह की समस्‍या होने पर कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य मस्‍यायें होने लगती हैं, मुंह के दुर्गंध की समस्‍या भी इससे जुड़ी है। सामान्‍यतया मुंह से आने वाली दुर्गंध के पीछे लोग अपने खान-पान को मानते हैं। यह सही भी है, लेकिन अगर व्‍यक्ति मधुमेह से ग्रस्‍त है तो इसके लिए यह बीमारी भी जिम्‍मेदार हो सकती है। इसके अलावा मधुमेह के रोगियों में दांत से जुड़ी दुसरी तकलीफें भी बढ़ जाती हैं। इस लेख में विस्‍तार से जानिये मधुमेह और मुंह की दुर्गंध के बीच के संबंध के बारे में। सांसों की दुर्गंध की समस्‍या मधुमेह के रोगियों में अधिक हो सकती है। क्‍योंकि मधुमेह रोगियों को मुंह से संबंधित कई समस्‍यायें हो सकती है। दरअसल हमारे दांत की एलविओलर हड्डी तथा पीरियोडेन्टल लिगामेंट्स मांसपेशियों से एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। ऐसे व्यक्ति जिनका मधुमेह पर नियंत्रण नहीं हो पाता हैं, उनके पीरियोडेन्टल लिगामेंट्स कमजोर होने लगते हैं।इससे दांतों के बीच एक खाली जगह बन जाती है और खाने के पश्चात खाने के कुछ अंश इन दांतों में रह जाते हैं और इनको नुकसान पहुंचाते हैं। इसके कारण ही दांतों और मसूड़ों में जीवाणु पैदा हो जाते हैं, जिससे गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है और मुंह से दुर्गंध आने लगती है। इसक अलावा व्‍यक्ति मधुमेह के साथ पायरिया से भी ग्रस्‍त हो सकता है। ऐसी स्थिति में दांत कमजोर होने शुरू हो जाते हैं और कई बार मसूड़ों में सूजन और तेज दर्द भी शुरू हो जाता है।मधुमेह के मरीजों को मुंह से संबंधित दूसरी समस्‍यायें भी होने लगती हैं, इसका प्रमुख कारण है दांतों के साथ मसूड़ों में संक्रमण होना। इसकी वजह से बाद में दांतों को उखाड़ना भी पड़ता है। मधुमेह के रोगियों के दांतों का रंग भी बदल जाता है, जो काला या फिर गहरा भूरा हो जाता है। मसूड़ों में होने वाले छोटे-छोटे छिद्रों से बैक्टीरिया या अन्य संक्रमण भी हो सकता है, जो खून में मिल कर अन्य छोटी-छोटी बीमारियों का कारण बनते हैं। मधुमेह से ग्रस्‍त मरीजों में मधुमेह से होने वाले अन्य रोग कितनी जल्दी होंगे, यह बात मधुमेह के रोगियों के खून में उपस्थित शुगर की मात्रा पर निर्भर करती है। इस बात का ध्यान रहे कि सिर्फ मुंह की ही देखभाल से मधुमेह की बीमारी पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। इसके लिए अनुशासित व नियंत्रित दिनचर्या एवं खानपान पर विशेष ध्‍यान रखने की जरूरत है। मधुमेह के कारण होने वाली मुंह की दुर्गंध को कुछ हद तक दूर किया जा सकता है। इसके लिए दांतों की सफाई पर विशेष ध्‍यान दीजिए, दिन में कम से कम दो बार ब्रश कीजिए। ढेर सारा पानी पीजिए, इससे शरीर के विषाक्‍त पदार्थ निकलेंगे और शरीर के साथ मुंह भी स्‍वस्‍थ रहेगा। माउथवॉश और जेल का प्रयोग न करें, क्‍योंकि इसमें एल्‍कोहल होता है और इसके कारण मुंह की बदबू बदतर हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को अपने ब्‍लड शुगर की जांच नियमित रूप से करनी चाहिए, नियमित व्‍यायाम के साथ खानपान पर विशेष ध्‍यान देना चाहिए।
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