महामीडिया न्यूज सर्विस
एकादशी पर होगी तीन देवताओं की पूजा

एकादशी पर होगी तीन देवताओं की पूजा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 714 दिन 12 घंटे पूर्व
03/09/2017
 एकादशी पर होगी तीन देवताओं की पूजाएकादशी पर होगी तीन देवताओं की पूजा11 द‍िवसीय गणेश महोत्‍सव के दौरान आज एकादशी है। ऐसे में यहू मूहूर्त खास है। आज के द‍िन भगवान गणेश की पूजा के साथ ही व‍िष्‍णु जी और लक्ष्‍मी की पूजा करना फलदायी है...
आज है व‍िश्‍ोष योग
शास्‍त्रों के मुताब‍िक एकादशी और भगवान व‍िष्‍णु से जुड़ी है। जीवन में सफलता, शांति और आध्यात्मिक विकास के ल‍िए यह व्रत फलदायी होता है। ह‍िंदू कैलेंडर के मुताब‍िक एकादशी हर माह पूर्णिमा के बाद और अमावस्या के बाद यानी क‍ि दो बार पड़ती है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी व पर‍िवर्तनी एकादशी जैसे नामों से पुकारते हैं। कहते हैं क‍ि इस द‍िन भगवान व‍िष्णु अपनी शेष शैया पर करवट लेते हैं। 
म‍िलेगी तीनों की कृपा 
ऐसे में आज इस एकादशी पर व‍िशेष योग है। गणेश महोत्‍सव के दौरान पड़ रही इस एकादशी पर गणेश जी के साथ भगवान व‍िष्णु और मां लक्ष्‍मी जी की कृपा पाने का शुभअवसर है। व‍िशेष योग में इन तीनों देवों की एक साथ पूजा अर्चना करने से भक्‍तों की हर मनोकामना पूरी होती है। शास्त्रों के अनुसार पर‍िवर्तनी एकादशी और गणेश उत्सव के इस व‍िशेष अवसर पर आज हर द‍िन से पूजा थोड़ी अलग और खास तरह से की जाती है। 
शाम को आरती करें
इस एकादशी पर सुबह के समय व‍िध‍िव‍िधान से पूजन अर्चना के साथ ही व्रत रखा जाता है। हर द‍िन की तरह सबसे पहले भगवान गणेश जी की पूजा करें। उन्‍हें मोदक का भोग जरूर लगाएं। इसके बाद भगवान विष्णु को पीले रेशमी वस्त्र अर्पित करने के साथ उन्‍हें केले का भोग लगाएं। वहीं मां लक्ष्‍मी को खुश करने के ल‍िए उन्‍हें स‍िंदूर व कमल का फूल जरूर अर्पित करें। शाम के समय इन तीनों ही देवी देवतओं की व‍िध‍िव‍त आरती कर प्रसाद बांटे। 

और ख़बरें >

समाचार