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मैनेजमेंट कंट्रोल दीजिए, कंपनी का मालिकाना हक नहीं

मैनेजमेंट कंट्रोल दीजिए, कंपनी का मालिकाना हक नहीं

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 87 दिन 4 घंटे पूर्व
15/09/2017
मुंबई  [महामीडिया]:  टेक्सटाइल कंपनी रेमंड के मालिक सिंघानिया परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे विवाद से फैमिली ओन्ड बिजनस में उत्तराधिकार का मामला सुर्खियों में आ गया है। उद्योगपतियों का कहना है कि अगली पीढ़ी को मैनेजमेंट सौंपते वक्त कंपनी का पूरा मालिकाना हक नहीं देना चाहिए। टायर से लेकर ट्रांसमिशन टावर बनाने वाले आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा, 'मैनेजमेंट कंट्रोल जरूर सौंपिए, लेकिन मालिकाना हक तब तक मत दीजिए, जब तक कि आपने कंपनी से बिल्कुल दूर रहने का फैसला नहीं किया है या आपने उम्र के आखिरी वक्त के लिए अलग से पैसे नहीं बचा रखे हैं।' सिंघानिया परिवार में चल रही कानूनी लड़ाई को लेकर उन्होंने यह बात कही। विजयपत और गौतम सिंघानिया के बीच टकराव जेके हाउस को लेकर शुरू हुआ, जिस पर 1945 से रेमंड का मालिकाना हक रहा है। जेके हाउस मुंबई के पॉश ब्रीच कैंडी एरिया में स्थित है। 2007 में इसका रीडिवेलपमेंट शुरू हुआ था। इसके लिए रेमंड, पशमीना होल्डिंग्स और विजयपत, उनके भाई की पत्नी और उनके दो बेटों के बीच त्रिपक्षीय अग्रीमेंट हुआ था। इसके मुताबिक, रीडिवेलपमेंट के बाद जेके हाउस को किरायेदारों को 9,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के रेट पर दिया जाना था।

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