महामीडिया न्यूज सर्विस
आधार ऑथेंटिकेशन के बिना एटीएम से भी नहीं निकल रहे पैसे

आधार ऑथेंटिकेशन के बिना एटीएम से भी नहीं निकल रहे पैसे

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 304 दिन 10 घंटे पूर्व
15/09/2017
नई दिल्ली [महामीडिया] प्रदेश के 2 करोड़ बैंक ग्राहकों के बैंक खातों का डाटा आधार कार्ड से मैच नहीं हो रहा है। बैंक रिकॉर्ड में जो नाम, पता और जन्म तारीख दी गई है, वह उनके आधार कार्ड से मैच नहीं हो रही है। बैंकों ने साफ कर दिया है कि आधार ऑथेंटिकेशन कराए बिना खाते में लेन-देन बंद कर दिया जाएगा। खाताधारक एटीएम से भी पैसे नहीं निकाल पाएंगे। बैंकों ने ऐसे ग्राहकों को आधार रिकॉर्ड में संशोधन कराने के लिए कहा है। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। इसमें 31 दिसंबर तक सारे बैंक खातों का आधार से मिलान होना है। शहरी क्षेत्रों में रोजाना बैंक एटीएम और दूसरी बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करने वालों को छोड़ दें तो शेष लोगों को इस प्रक्रिया की कोई जानकारी ही नहीं है। इसमें राजधानी के एक लाख पेंशनर भी शामिल हैं।  
सूरज दुबे को अर्जेंट पैसे निकालने थे। उन्हें बताया गया कि बैंक में दर्ज उनका नाम, पता और जन्म तारीख आधार से मैच नहीं हो रही है। करेक्शन करवाएं। उसके बाद ही पैसे निकालें। उन्हें बताया गया कि ऐसा नहीं करने पर उनका खाता बंद हो सकता है। इंजीनियरिंग स्टूडेंट गरिमा सिंह एमपी नगर जोन-1 में एक बैंक एटीएम से पैसा निकालने गईं थीं। कार्ड स्वैप करते ही स्क्रीन पर एक मैसेज डिस्प्ले हुआ कि आप अपना आधार कार्ड का नंबर डालें। उनके पास आधार नंबर नहीं था। नतीजतन वे पैसा नहीं निकाल सकीं। 
डेमोग्राफी : कोर बैंकिंग सॉल्यूशन में मौजूद डाटा यूआईडीएआई में डालकर मैच किया जा रहा है। यहां समस्या यह आ रही है कि डाटा मिस मैच हो रहा है। ओटीपी: बैंकों ने वेबसाइट पर एप अपलोड कर रखा है। डाटा मैच होने पर ग्राहक के मोबाइल पर ओटीपी आता है। ओटीपी से ही अथेंटिकेशन पूरा होता है। 
प्रदेश में 6.50 करोड़ बैंक खाते हैं। इनमें 30% यानी 1.95 करोड़ बैंक खातों से आधार का डाटा मैच नहीं हो रहा है। बैंक अथेंटिकेशन का आंकड़ा बढ़ाने के लिए एटीएम में आए लोगों से आधार नंबर मांगा जा रहा है। इसी तरह ब्रांच में आए ग्राहकों को भी सेवाएं देने से पहले आधार काउंटर पर डाटा मिलान के लिए कहा जा रहा है। 
30 तक खोलने हैं 670 आधार करेक्शन काउंटर 
बैंकों को पूरे प्रदेश में 30 सितंबर तक 670 आधार करेक्शन सेंटर खोलने हैं। कौन सा सेंटर कहां खुलेगा? इसकी मॉनीटरिंग सीधे राज्य सरकार कर रही है। जिला कलेक्टर को बैंकों द्वारा बताई गई जगह का निरीक्षण करके यह तय करना है कि वहां करेक्शन सेंटर खुल सकता है या नहीं। 
बैंकों को अंदेशा, कारोबार पर पड़ेगा इसका असर 
बैंकों में ऑथेंटिकेशन को लेकर खासा दबाव है। इसका असर बैंकों के सामान्य कामकाज पर पड़ने लगा है। यूनियनें भी इस प्रक्रिया में बैंकों को जोड़ने से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि नोटबंदी के चलते बैंकों का कारोबार पिछले साल खासा प्रभावित हुआ था। ऐसे में इस बार बैंकों को त्योहारी सीजन में इस प्रक्रिया से अलग रखा जाना था। 

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