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डीजल-पेट्रोल से पहले रियल एस्टेट आएगा जीएसटी के दायरे में

डीजल-पेट्रोल से पहले रियल एस्टेट आएगा जीएसटी के दायरे में

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 390 दिन 20 घंटे पूर्व
24/09/2017
नई दिल्ली। देश में एक टैक्स सिस्टम लागू करने के इरादे से केंद्र सरकार ने इस साल एक जुलाई से जीएसटी लागू किया। मगर इसके बाद भी पेट्रोल,डीजल और शराब इसकी जद में नहीं हैं। ऐसे में सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर को इसके दायरे में लाने का फैसला किया है। जल्द ही ये सेक्टर जीएसटी के दायरे में आ जाएगा।
ऐसा होने पर सभी राज्यों में रियल एस्टेट पर टैक्स की दरें समान हो जाएंगी। फिलहाल रियल एस्टेट पर राज्य सरकारें स्टांप ड्यूटी लगाती हैं, जिसकी दरें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग हैं।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक कार्यक्रम में कहा कि जहां तक और आइटम जीएसटी के दायरे में लाने का सवाल है तो रियल एस्टेट इनमें से सबसे आसान है। वित्त मंत्री का यह वक्तव्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य सरकारें अब तक रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने का विरोध करती रही हैं।
देशभर में जीएसटी एक जुलाई से लागू हो गया। हालांकि रियल एस्टेट, बिजली और शराब इसके दायरे से बाहर हैं। यही वजह है कि सरकार के नीतिगत दस्तावेज ?आर्थिक सर्वे 2016-17? ने भी इन पर जीएसटी लगाने की वकालत की है।
सर्वे में कहा गया है कि शराब और रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने से देश में भ्रष्टाचार में कमी आएगी। हालांकि, राज्य रियल एस्टेट पर स्टांप ड्यूटी समाप्त करने और एक समान दर से जीएसटी लगाने के पक्ष में नहीं हैं।

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