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भारत में स्टार्टअप लाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति

भारत में स्टार्टअप लाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 242 दिन 22 घंटे पूर्व
27/09/2017
 नई दिल्ली।   ऐथर एनर्जी के सह संस्थापक तरुण मेहता अगले साल पहली छमाही में अपना इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में उतारने जा रहे हैं। 28 साल के मेहता और उनकी उत्पाद विकास टीम के करीब 270 लोगों के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाना जंग लडऩे से कम नहीं रहा क्योंकि इसके लिए कलपुर्जे और बैटरी भी उन्हें खुद ही बनाने पड़ रहे हैं। इतनी मेहनत इसलिए करनी पड़ रही है क्योंकि इस तरह का माल अभी तक कोई कंपनी नहीं दे रही है। लेकिन ऐथर एनर्जी 30 से अधिक ऐप्लिकेशन के पेटेंट की अर्जियां डाल चुकी है और बेंगलूरु में उत्पाद तैयार करने के लिए वह कमर कस रही है। मेहता कहते हैं, 'अभी 120 से 130 आपूर्तिकर्ताओं के साथ हम काम कर रहे हैं और विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रहे हैं। इसमें हर साल 30,000 स्कूटर बनाए जा सकेंगे।' मेहता अपनी बाइक को बेचने के लिए लीक से हटकर तरीका अपनाएंगे। उनका कोई वितरक नहीं होगा और ग्राहक ऑनलाइन ही बुकिंग करा लेंगे। ग्राहकों को सुविधा देने के लिए कंपनी खुद ही चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना भी बना रही है। जिन शहरों में उनकी कंपनी वाहन बेचेगी, वहां हर 4 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन होगा। इन स्टार्टअप कंपनियों को पीई फंड, वाहन और वाहन कलपुर्जे बनानी वाली कंपनियों, धनाढ्य निवेशकों और कैब एग्रीगेटर कंपनियों का समर्थन हासिल है। टॉर्क मोटरसाइकल के संस्थापक पुणे के कपिल शेल्के को कॉलेज में एक प्रोजेक्ट से इलेक्ट्रिक वाहनों का शौक लगा। वह रेसिंग के भी दीवाने हैं। अपनी दोनों चाहतों के कारण ही उन्होंने आइल ऑफ मैन में ग्लोबल मोबाइक रेसिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और जीत दर्ज की। इलेक्ट्रिक वाहनों की दीवानगी उन्हें चीन ले गई और वहां उन्होंने प्रमुख मोबाइक कंपनी शोंगशेन में भी काम किया।

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