महामीडिया न्यूज सर्विस
इसलिए शुरू हुई धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा

इसलिए शुरू हुई धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 673 दिन 8 घंटे पूर्व
14/10/2017
 दिवाली से ठीक 2 दिन पहले धनतेरस मनाया जाता है। इस साल यह मंगलवार 14 अक्टूर को मनाया जा रहा है। धनतेरस के दिन खरीददारी करना शुभ माना जाता है। फिर चाहे वो सोना-चांदी या इलेक्ट्रॉनिक सामान हो या फिर बर्तन...हर कोई कुछ ना कुछ खरीदता जरूर है। क्या आपने सोचा है कि इसके पीछे वजह क्या है। आगे की तस्वीरों पर क्लिक करें और जानें-
1. कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही भगवान धनवंतरी सागर मंथन से उत्पन्न हुए थे इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है।
2. भगवान धनवंतरी के उत्पन्न होने से ठीक दो दिनों के बाद देवी लक्ष्मी सागर मंथन से प्रकट हुईं। इसलिए दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
3. धनवंतरी जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। यही वजह है कि धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन स्टील और चांदी के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता भी है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें कई गुणा वृद्धि होती है।
4. धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है। इसके पीछे कारण यह माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और इससे मन में संतोष रूपी धन का वास होता है।
5. शास्त्रों के अनुसार भगवान धनवंतरी देवताओं के वैद्य हैं। इनकी भक्ति और पूजा से आरोग्य सुख यानी स्वास्थ्य लाभ और लंबी आयु मिलती है। मान्यता है कि भगवान धनवंतरी विष्णु के अंशावतार हैं।






 

और ख़बरें >

समाचार