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त्योहार पर जायका ना बिगाड़ दे आपकी सेहत, इनका रखें ध्यान

त्योहार पर जायका ना बिगाड़ दे आपकी सेहत, इनका रखें ध्यान

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 339 दिन 7 घंटे पूर्व
18/10/2017
नई दिल्ली (महामीडिया) हम सबको पता है कि त्योहारों का मौसम आ रहा है। इस मौसम की शुरुआत हो चुकी है, और यह नए साल की शुरुआत तक जारी रहेगा। यही वह वक्त होता है, जब हम एक-दूसरे से मिलते हैं, पार्टियां करते हैं, अपने घर-परिवार के लोगों के साथ अपनी खुशियां बांटते हैं और गुलाबी ठंडक के बीच तरह-तरह के लजीज पकवानों का मजा उठाते हैं। सवाल यह है कि इस साल आप इन सबसे तालमेल कैसे बिठाएंगे? आहार विशेषज्ञों को यह पता है कि लोभ कितनी मायावी होता है? वे अच्छी तरह जानते हैं कि सामने बर्फी का डिब्बा देखते हुए उसमें से एक बर्फी उठाने से खुद को रोकना कितना मुश्किल होता है या त्योहारी दावत में मनपसंद व्यंजन को दोबारा मांगने से बचना कितना कचोटता है? परेशान मत होइए। इस मौसम में अपने खान-पान को स्मार्ट तरीके से नियंत्रित करने का वक्त अब आ गया है।
विशेषज्ञों की मानें, तो अगर आप बाहर किसी रेस्टोरेंट में खाने की सोच रहे हों, तो जापानी भोजन काफी बेहतर विकल्प है। जापान को सिर्फ कच्ची मछली और सुशी (चावल व कच्ची मछली को मिलाकर तैयार होने वाला एक जापानी भोजन, जिसे समुद्री शैवाल में लपेटकर परोसा जाता है) का देश समझने की भूल न करें। जापानी व्यंजन ज्यादातर हल्के होते हैं, उनमें कम तेल का इस्तेमाल होता है और उन्हें बनाने की विधि सेहत के लिहाज से बेहतर है। जापान और कोरिया जैसे देशों के खान-पान में शैवाल और कम-कैलोरी वाली सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यह खाना उनके लिए काफी फायदेमंद है, जो डायबिटीज से पीड़ित हैं या जिन्हें दिल या जीवन शैली से जुड़ी कोई बीमारी है। भूमध्यसागर के आसपास के हिस्सों में जिस तरह का खान-पान है, वह भी आहार विशेषज्ञों को खूब लुभाता है। इस तरह के व्यंजनों में ऑलिव ऑयल और लहसुन का इस्तेमाल तो होता ही है, समुद्री भोजन व हरी पत्तेदार सब्जियां भी बड़ी मात्र में होती हैं। 
दिल्ली की एक पोषण विशेषज्ञ कहती हैं, ऑलिव ऑयल, बादाम व मछली वसा के स्वस्थ स्नेत माने जाते हैं। भूमध्यसागरीय भोजन में लाल मांस (गाय या भेड़ का मांस) और चीनी की मात्र भी काफी कम होती है, जिसके कारण यह काफी सेहतमंद बन जाता है।?अगर आप इटैलियन भोजन लेने की सोच रहे हैं, तो पास्ता से बचने की कोशिश करें, क्योंकि इसे अत्यधिक सफेद सॉस या मक्खन के साथ पकाया जाता है। हां, अगर टमाटर में बना गेहूं पास्ता हो, तो वह कम कैलोरी वाला होगा। इटैलियन खाने में सलाद भी काफी ज्यादा होता है, जो भले ही आपके भोजन की मात्र बढ़ा दे, लेकिन उसका सेहत पर नुकसान नहीं के बराबर होता है। अगर आपका खाने-पीने पर कोई नियंत्रण नहीं और भोजन सामने देखकर आप उस पर टूट पड़ते हों, तो रेस्टोरेंट में कम से कम ऐसे व्यंजनों का चुनाव करें, जो सेहत के लिहाज से फायदेमंद हो। भारतीय रेस्तरां में पनीर टिक्का या तंदूरी थाली ली जा सकती है, जबकि दक्षिण भारतीय व्यंजनों में तले हुए वड़ों की बजाय भाप से पकी इडली का ऑर्डर देना बेहतर होगा। गहरे तले हुए भोजन की बजाय त्योहारी मौसम में भुने हुए, हल्के तले, उबले या भाप में पके व्यंजनों का चुनाव आपके खान-पान को संतुलित रख सकता है। 
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