महामीडिया न्यूज सर्विस
मेक इन इंडिया बना वेट इन इंडिया, टेस्ला की इलेक्ट्रिक कार चली शंघाई

मेक इन इंडिया बना वेट इन इंडिया, टेस्ला की इलेक्ट्रिक कार चली शंघाई

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 299 दिन 5 घंटे पूर्व
24/10/2017
नई दिल्ली (महामीडिया)  टेस्ला अपनी इलेक्ट्रिक वेहिकल की मैन्यूफैक्चरिंग अब चीन के शंघाई में शुरू करने जा रही है. वहीं देश में मोदी सरकार बीते एक साल से टेस्ला और एप्पल जैसी कंपनियों को भारत में मैन्यूफैक्चरिंग करने की मंजूरी देने पर विचार कर रही है. क्या हम मेक इन इंडिया की शर्तों पर खरे उतरने वाली कंपनियों को पहचानते रह जाएंगे और एक-एक कर मल्टीनैशनल कंपनियां दूसरे देशों में अपनी फैक्ट्रियां लगाती रहेंगी टेस्ला इंक के प्रमुख इलॉन मस्क और चीन सरकार में नई फैक्ट्री लगाने के लिए शंघाई शहर को चुनने पर सहमति बन चुकी है. अमेरिका से बाहर यह टेस्ला की पहली फैक्ट्री होगी जहां भविष्य के लिए एमीशन फ्री गाड़ियों का निर्माण किया जाएगा. इस सहमति के लिए चीन सरकार ने मेक इन चाइना की कई शर्तों को दरकिनार करते हुए शंघाई के फ्री ट्रेड जोन में टेस्ला की इस इकाई को मंजूरी दी होगी. अब चीन में लगने वाली टेस्ला की यह फैक्ट्री न सिर्फ चीन की इलेक्ट्रिक कार बनाने की कोशिशों को साकार करेगी बल्कि यह भी दर्शाएगी कि कैसे मेक इन इंडिया जैसे फ्लैगशिप कार्यक्रम के बावजूद हम दुनिया के मैन्यूफैक्चरिंग हव बनने की दौड़ में पिछड़ रहे हैं. लिहाजा सवाल है कि आखिर गलती कहां हो रही है क्यों 2015 में प्रधानमंत्री मोदी के सामने भारत में कंपनी लगाने की पेशकश करने वाली टेस्ला अब चीन में फैक्ट्री लगाने जा रही है 2015 में यह पेशकश करने के लिए इलॉन मस्क ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी. इसके बावजूद ऐसा क्यों हुआ कि इस दौड़ में भारत पिछड़ गया. इलॉन मस्क के कुछ ट्वीट को देखे तो जवाब मिलता है कि भारत एक सुस्त देश है और वह उनके साथ कारोबार करने वाली मल्टीनैशनल कंपनियों की वास्तविक जरुरतों को समझने की कोशिश भी नहीं करता.
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