महामीडिया न्यूज सर्विस
विभिन्न संस्कृतियों का संगम है महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव

विभिन्न संस्कृतियों का संगम है महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव

admin | पोस्ट किया गया 753 दिन 4 घंटे पूर्व
26/10/2017
भोपाल (महामीडिया) भारत का अस्तित्व पूरे विश्व को जगाने का है। यदि भारतीय ही सो गये तो पूरे विश्व को कौन जगायेगा, यह महर्षि जी का जन्म शताब्दी वर्ष है जिसके तहत पूरे देश के 168 महर्षि विद्या मंदिरों के विजेता छात्र यहां सांस्कृतिक महोत्सव में शामिल होने आये हैं। यह राष्ट्रीय आनंद का महोत्सव है। इस सांस्कृतिक महोत्सव में पूरे देश की विभिन्न संस्कृतियां यहां एकाकार होकर अपनी-अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन करेंगी। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम में पहले केवल 18 विद्यालयों को शामिल किया गया था, वहीं इसकी संख्या अब 28 हो चुकी है। यह आनंद का महोत्सव है उक्त उद्गार आज महर्षि सेंटर फार एजूकेशनल एक्सीलेंस, लाम्बाखेड़ा भोपाल में महर्षि विद्या मंदिर समूह के चेयरमेन ब्रह्मचारी डाॅ. गिरीश वर्मा जी ने आज तीन दिनों तक चलने वाले महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किये।
इस कार्यक्रम में महर्षि विद्या मंदिर के देश भर में फैले 168 विद्यालयों में से करीब 650 विशेष विद्यार्थी भाग ले रहे हैं जो क्षेत्रीय स्तर पर अपनी-अपनी विधाओं में विजेता बनकर उभरे हैं। इस अवसर पर ब्रह्मचारी जी ने बताया कि जन्म शताब्दी वर्ष में पूरे देश में 100 कांफ्रेंस एवं 1000 भावातीत ध्यान शिविरों का आयोजन का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से क्रमशः 96 एवं 982 पूर्ण हो चुके हैं। 
इस अवसर पर महर्षि महेश योगी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भुवनेश शर्मा एवं निदेशक संचार एवं जनसंपर्क व्ही. के. खरे के साथ-साथ समूह के अन्य निदेशक मौजूद थे। इसके पश्चात् बच्चों का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ जिसमें विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने अपनी-अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इसके पूर्व आज सुबह साढे़ छह बजे सूर्य नमस्कार और भावातीत ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें देशभर से आए महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के छात्रों ने सुखद अनुभूति प्राप्त की।
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