महामीडिया न्यूज सर्विस
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड कॉमेंटेटर्स अब नहीं लिख पाएंगे एक्सपर्ट कॉलम

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड कॉमेंटेटर्स अब नहीं लिख पाएंगे एक्सपर्ट कॉलम

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 646 दिन 22 घंटे पूर्व
13/11/2017
मुंबई (महामीडिया) कुछ महीने पहले ही पूर्व क्रिकेटर सुनील गावसकर को मजबूरी में अपनी प्लेयर मैनेजमेंट एजेंसी को बीसीसीआई के निर्देश पर बंद करना पड़ा था। बीसीसीआई ने 'हितों के टकराव' को आधार बनाते हुए यह निर्देश दिया था क्योंकि पूर्व क्रिकेटर बतौर कॉमेंटेटर भी अपनी सेवाएं देते हैं। अगर बीसीसीआई लोढ़ा कमिटी की सिफारिशों को लागू करती है तो इस दिग्गज खिलाड़ी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। गावसकर को क्रिकेट कॉमेंट्री और बतौर एक्सपर्ट कॉलम लिखने और स्पॉन्सर्ड अवॉर्ड/ रेटिंग कार्यक्रमों में शामिल होने के बीच में से किसी एक को चुनना होगा। 24 अक्टूबर को हुई कमिटी ऑफ ऐडमिनिस्ट्रेटर्स की मीटिंग में इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सीओए मीटिंग में फैसला किया गया, बीसीसीआई इस बात की जांच करेगी कि कॉमेंटेटर के तौर पर सेवा देने वाले लोगों को बतौर एक्सपर्ट स्पॉन्सर्ड कॉलम लिखने की छूट मिल सकती है? साथ ही इस बात की भी जांट की जाएगी कि कॉमेंट्री के काम के साथ ही प्रायोजित अवॉर्ड और रेटिंग समारोह में हिस्सा लिया जा सकता है या नहीं? गावसकर के साथ इस लिस्ट में कुछ और कॉमेंटेटर भी शामिल हैं। पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर, मुरली कार्तिक, हर्षा भोगले भी इस वक्त कॉमेंट्री करते हैं। भोगले और मांजरेकर भी बतौर एक्सपर्ट अपना कॉलम लिखते हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को भी कॉमेंट्री और एक्सपर्ट कॉलम में से किसी एक को चुनने के लिए कहा जा सकता है। गावसकर एक निजी चैनल से भी जुड़े हुए हैं और क्रिकेट अवॉर्ड और रेटिंग देने वाले फर्म के साथ भी वह काम कर रहे हैं। लोढ़ा कमिटी ने हितों के टकराव को लेकर बेहद कड़े गाइडलाइंडस निर्धारित किए हैं। कमिटी की सिफारिशों के अनुसार, 'बीसीसीआई से किसी भी तौर पर जुड़े रहने वाले लोगों को किसी अन्य तरीके से पैसे कमाने की छूट नहीं दी जा सकती है। हाल ही में महिला टीम के साथ जुड़ी एक फिजियोथेरपिस्ट को अपनी नौकरी इसलिए गंवीनी पड़ी क्योंकि उसका भाई स्टेट क्रिकेट असोसिएशन में अधिकारी है। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, बीसीसीआई अभी इस मामले पर विचार कर रही है, लेकिन अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ओम्बुड्समैन को ही लेना है। दिलचस्प बात यह है कि यह नई गाइडलाइंस हिंदी कॉमेंटेटर पर लागू नहीं होगी क्योंकि वह स्टार स्पोर्ट्स चैनल से जुड़े हैं बीसीसीआई से नहीं। इसका फायदा वीसीएस लक्ष्मण और वीरेंदर सहवाग को मिलेगा और दोनों बतौर एक्सपर्ट भी कॉलम लिखना जारी रख सकते हैं। बता दें कि भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पूर्व मार्च में इस साल कॉमेंट्री करने वाले सभी लोगों को बीससीआई की गाइडलाइन दी गई थी। वह गाइडलाइन भी अभी के लिहाज से पुरानी हो चुकी है और उसमें लोढ़ा कमिटी की सिफारिशें शामिल नहीं हैं। 
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