महामीडिया न्यूज सर्विस
मधुमेह के सबसे कम मरीज मप्र में, पुडुचेरी में सबसे ज्यादा

मधुमेह के सबसे कम मरीज मप्र में, पुडुचेरी में सबसे ज्यादा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 6 दिन 5 घंटे पूर्व
14/11/2017
इंदौर (महामीडिया) मधुमेह के मामले में मध्यप्रदेश के लोग खुशनसीब हैं। यहां देशभर में सबसे कम मरीज पाए गए हैं। राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद एनआईएन द्वारा 16 राज्यों के शहरी इलाकों के महिला- पुरुषों पर किए गए सर्वे में यह परिणाम सामने आया। सर्वे के मुताबिक सबसे ज्यादा मरीज पुड्डूचेरी में हैं। उसके बाद दिल्ली का नंबर आता है। अधिकांश मरीज 60 से 70 वर्ष की उम्र के पाए गए जबकि सबसे कम 18 से 30 वर्ष की उम्र में। संस्थान के कम्युनिटी स्टडीज के विभागाध्यक्ष डा. ए. लक्ष्मैया कहते हैं कि डायबीटिज में आहार की भूमिका मुख्य है। मध्यप्रदेश में लोग तेल का प्रयोग थोड़ा ज्यादा करते हैं मगर गुड़-शक्कर का प्रयोग संतुलित है। इस अच्छी बात है। हरी सब्जियों, दूध का प्रयोग ज्यादा कर पोषकता में और सुधार लाया जा सकता है। महिलाओं में बढ़ते मधुमेह को लेकर किए गए शोध के मुताबिक यह शहरी इलाकों की महिलाओं में 17 फीसदी और ग्रामीण में 10 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मधुमेह मरीज वाला दूसरा देश, मरीज करीब 70 मिलियन। पहले नंबर में चीन, 110 मिलियन।  नेशनल बोटेनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट एंड सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एरोमेटिक मेडिशिनल एरोमेटिक प्लांट एक आयुर्वेदिक दवा पर ट्रायल कर रही है। जिसका सफलता प्रतिशत 67 फीसदी बताया जा रहा है। इससे मरीजों पर आ रहे दवाइयों का खर्च भी कम होगा। इंदौर सहित मुंबई, बेंगलुरू के इंजीनियरिंग कॉलेज में ब्लड शुगर नापने वाली घड़ी का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। इसमें लेजर तकनीक के जरिए बगैर खून निकाले ही मरीज अपना ब्लड शुगर का स्तर जांच सकते थे। सरकार की अनुमति और फंड दोनों ही नहीं मिलने से यह प्रोजेक्ट फिलहाल रुक गया है। एसजीएसआईटीएस के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर और प्रोजेक्ट इंचार्ज प्रोफेसर एन्ड्रूज थॉमस का कहना है हमारे प्रोडक्ट के शोध में 3 से 5 साल का समय लग रहा था। सरकार को ग्रामीण अंचल तक सुविधा पहुंचाना थी, इसलिए इस प्रोजेक्ट को फिलहाल के लिए बंद करना पड़ा। तत्काल उपलब्ध होने की वजह से ग्लूकोमीटर प्रोजेक्ट को सरकार ने मान्यता दी। वर्तमान में बहुत से लोग इसे बना रहे हैं।
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