महामीडिया न्यूज सर्विस
ऐसे बढ़ा सकते हैं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता

ऐसे बढ़ा सकते हैं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 366 दिन 23 घंटे पूर्व
19/11/2017
भोपाल (महामीडिया)  आपके शरीर के आसपास बहुत सारे बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं, जो आपको कई तरह की बीमारियों से ग्रसित कर देते हैं। शरीर को बाहरी संक्रमण और बीमारियों से बचाकर रखने के लिए शरीर के अंदर एक रक्षा प्रणाली होती है, उसे ही इम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक प्रणाली कहते हैं। अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं तो इसका सीधा-सा अर्थ यही है कि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, क्योंकि जब यह क्षमता दुरुस्त रहती है तो व्यक्ति कम बीमार पड़ता है। अगर कभी बीमार पड़ता भी है तो जल्दी ठीक हो जाता है। लेकिन रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर छोटी-सी बीमारी को भी ठीक होने में लंबा समय लग जाता है। मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम हो जाना। हर समय सुस्ती-सी महसूस करना। बीमार होने पर जल्दी ठीक न हो पाना। थोड़ा काम करने पर ही थक जाना। आप अपनी दिनचर्या में बदलाव करके और अपने आहार में कुछ वस्तुओं को शामिल करके अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। अपने आहार में चिप्स, फ्रैंच फ्राइज, पास्ता, सफेद आटा, डिब्बाबंद आहार, सोडा ड्रिंक, रेड मीट आदि को भूलकर भी शामिल न करें, क्योंकि इनसे ना चाहते हुए भी इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। संतरा, नीबू, आंवला, मौसमी जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो हर तरह के संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कणिकाओं का निर्माण करने में सहायक होता है। इन सारी चीजों को अपने आहार का नियमित हिस्सा बनायें, क्योंकि इनके सेवन से शरीर में बनने वाली एंटी बॉडीज कोशिकाओं का आवरण बनाती हैं, जो शरीर के भीतर वायरस नहीं आने देता। इनमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के अलावा शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी बढ़ाता है, जिससे कार्डियो वैस्क्युलर बीमारियों से बचाव होता है और ब्लडप्रेशर को भी नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।  लहसुन भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट बनाकर हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है। इसमें एलिसिन नामक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो शरीर को किसी भी प्रकार के संक्रमण और बैक्टीरिया से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। प्रतिदिन भोजन में लहसुन की संतुलित मात्रा को शामिल करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ-साथ पेट के अल्सर और कैंसर से भी बचाव होता है। रोजाना सुबह लहसुन की दो कलियों का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है और लंबे समय तक इम्यून सिस्टम भी मजबूत बना रहता है। पालक बहुत फायदेमंद है। इसमें फॉलेट नामक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो शरीर में नई कोशिकाएं बनाने के साथ उन कोशिकाओं की मजबूती और डीएनए की मरम्मत का काम भी करता है। इसमें मौजूद फाइबर आयरन एंटी ऑक्सीडेंट को बढ़ाकर शरीर को स्वस्थ रखता है। पालक में मौजूद विटामिन सी शरीर को हर तरह से स्वस्थ बनाए रखने में मददगार साबित होता है। उबले पालक का नियमित तौर पर सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिसकी वजह से पाचन-तंत्र सही तरीके से काम करता है। इसके सेवन से कब्ज की समस्या से भी निजात मिलती है। मशरूम शरीर की श्वेत रक्त कोशिकाओं को सक्रिय करने में सहायक सिद्ध होता है। इसमें सेलेनियम नामक मिनरल, एंटी ऑक्सीडेंट तत्व विटामिन बी और नाइसिन नामक तत्व पाये जाते हैं। इनके अलावा मशरूम में एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल और एंटी ट्यूमर तत्व पाये जाते हैं। मशरूम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने वाले तत्वों की प्रचुरता होती है। आप आहार में नियमित तौर पर मशरूम का इस्तेमाल करके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। ब्रोकोली में विटामिन ए और सी के अलावा ग्लूटाथियोन नामक एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाया जाता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाली ऐसी सब्जी है, जिसे आप रोजमर्रा के भोजन में आसानी से शामिल कर सकते हैं। ब्रोकोली का इस्तेमाल आप सब्जी के अलावा सलाद के तौर पर भी कर सकते हैं। उबली हुई ब्रोकोली में पनीर, उबला हुआ पालक और कॉर्न मिलाकर खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इस सलाद को आप नाश्ते में भी खा सकते हैं। पनीर और ब्रोकोली में कैल्शियम और प्रोटीन की प्रचुरता होती है। शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अपने आहार में रेड मीट के स्थान पर मछली को शामिल करें। रोजाना बादाम के 8-10 दाने भिगोकर खाने से न केवल शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, बल्कि इसके सेवन से दिमाग को तनाव से लड़ने की शक्ति भी मिलती है। बादाम में मौजूद विटामिन ई शरीर में प्राकृतिक तौर पर  पाये जाने वाले सेल्स को बढ़ाने में मददगार साबित होता है, जो विषाणुओं और कैंसरयुक्त कोशिकाओं को नष्ट करके शरीर को कैंसर के खतरे से बचाने में मददगार साबित होता है। इतना ही नहीं, बादाम शरीर में बी टाइप की कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाने का काम भी करता है। ये कोशिकाएं इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर शरीर में मौजूद नुकसानदायक बैक्टीरिया को नष्ट करने में सहायक होती हैं। अपने आहार में मौसमी फलों और सब्जियों को शामिल करें। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए खूब सारी सब्जियों और फलों का सेवन करने के साथ-साथ खूब सारा पानी पिएं। अपने आहार में फलों के अलावा जूस का इस्तेमाल करें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जूस ताजा हो, डिब्बाबंद नहीं। अपने आहार में साबुत अंकुरित अनाज को शामिल करें। इसमें प्रोटीन के अलावा एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं। जो लोग पतले हैं, उन लोगों के मुकाबले में मोटे लोगों को पेट से संबंधित बीमारियों के साथ-साथ थकान और आलस की शिकायत ज्यादा होती है। अगर यह कहा जाये कि मोटापा सभी बीमारियों की जड़ है तो गलत ना होगा। इसका कारण यह है कि मोटापे की वजह से शरीर में सफेद कोशिकाएं बनने में दिक्कत होती है। जब शरीर में सफेद कोशिकाएं कम होती हैं तो आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता स्वत: ही कम हो जाती है। जब आप नियमित तौर पर व्यायाम करते हैं तो आपका स्टेमिना बढ़ता है। खुद को स्वस्थ रखने के लिए नियमित तौर पर व्यायाम और योग करना बेहद जरूरी है। व्यायाम करने से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे आपको रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। अपने दिन की शुरुआत व्यायाम से करें। अपने व्यायाम में नियमित सैर और मेडिटेशन को भी शामिल करें। नींद पूरी न हो पाना सारी समस्याओं की जड़ है। खुद को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है कि आप खुद को तनाव से दूर रखें और गहरी नींद लें। अच्छी नींद लेने से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रात को सोते समय अपने आसपास ऐसी कोई भी चीज न रखें, जिससे आपकी नींद में व्यवधान पड़े, वरना आप अनिद्रा की समस्या के अलावा अन्य बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। नींद पूरी न होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। अगर आपकी आदत नियमित तौर पर शराब पीने और धूम्रपान करने की है तो अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता  बढ़ाने और खुद को स्वस्थ रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी इस आदत पर विराम लगायें। अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो नियमित तौर पर व्यायाम जरूर करें, क्योंकि अल्कोहल का सेवन करने से शरीर की कोशिकाओं में नमी कम होने लगती है। इस वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, क्योंकि कोशिकाओं में नमी कम हो जाने से वो नष्ट होने लगती हैं। अपने आसपास के वातावरण और शारीरिक स्वच्छता पर ध्यान दें, क्योंकि बहुत सारी बीमारियां गंदगी की वजह से ही होती हैं। प्रतिदिन तुलसी और करीपत्ता की 8-10 पत्तियां चबायें, क्योंकि इनमें एंटी ऑक्सीडेंट तत्वों की प्रचुरता होती है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होती हैं। प्रतिदिन थोड़ी देर के लिए धूप में जरूर जायें। धूप में विटामन डी की प्रचुरता होती है, जो हड्डियों की मजबूती के साथ रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाती है।
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