महामीडिया न्यूज सर्विस
रिलायंस, अदाणी और आरईसी ने जारी किए विदेशी मुद्रा बॉन्ड

रिलायंस, अदाणी और आरईसी ने जारी किए विदेशी मुद्रा बॉन्ड

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 331 दिन 17 घंटे पूर्व
21/11/2017
मुंबई (महामीडिया) रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदाणी समूह की अदाणी ऐबट  पॉइंट  टर्मिनल और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशनसहित कई शीर्ष भारतीय कंपनियों ने अपनी वित्तीय लागत घटाने के लिए आज विदेशों में अपने बॉन्ड जारी कर दिए। मूडीज के पिछले सप्ताह भारत की सॉवरिन बॉन्ड रेटिंग को बीएए3 की न्यूनतम निवेश श्रेणी से सुधारकर बीएए2 करने के बाद इन कंपनियों ने विदेशी मुद्रा बॉन्ड जारी किए। रेटिंग एजेंसी ने भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और ऑयल ऐंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन तथा एनटीपीसी सहित सरकारी कंपनियों की रेटिंग में भी सुधार किया है। साथ ही निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक की रेटिंग भी अपग्रेड की है।  बॉन्ड बाजार के एक जानकार ने कहा कि मूडीज के कदम के बाद बॉन्ड की दरें बेहतर होंगी और उधारी लागत घटाने में मदद मिलेगी। मजबूत क्रेडिट रेटिंग वाली कई कंपनियां उच्च लागत वाले पुराने कर्ज को चुकाने और उसकी जगह कम से कम 100 आधार अंक सस्ते दर की उम्मीद कर रही हैं। रिलायंस बॉन्ड से 80 करोड़ डॉलर जुटाएगी जबकि ऑस्ट्रेलिया में अदाणी की कोल टर्मिनल कंपनी 50 करोड़ डॉलर जुटा रही है। सरकारी क्षेत्र की आरईसी करीब 40 करोड़ डॉलर जुटाएगी। एक बैंकर ने कहा, बेहतर रेटिंग वाली कंपनियां अपनी ब्याज लागत में उल्लेखनीय कमी करेंगी। मूडीज के भारत की रेटिंग बढ़ाने से भारतीय बॉन्ड पर जोखिम घटेगा। इसका फायदा बेहतर रेटिंग वाली कंपनियों को मिलेगा और वे  विदेश से धन जुटाने के लिए आगे आ रही हैं। बैंकर ने कहा कि रिलायंस जैसी कंपनियां लाइबोर जैसी कम दर से 25 आधार अंक ज्यादा देकर फंड जुटा सकती हैं जबकि दूसरी भारतीय कंपनियों के लिए भी दरें प्रतिस्पर्धी होंगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल ही में अपनी प्रमुख निवेश योजना पूरी की है। इसमें 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश से वायरलेस टेलीफोन सेवाएं शुरू करना शामिल है। कंपनी ने पेट्रोकेमिकल कारोबार की क्षमता के विस्तार में भी निवेश किया है। कंपनी ने कई किस्तों में विदेशों में कर्ज जुटाया है। एक बैंकर ने कहा कि कंपनी ने आज 10 साल की अवधि के बॉन्ड जारी किए जिससे पुराना कर्ज खत्म हो जाए और वित्तीय लागत घटाने में मदद मिले। आरआईएल के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी से इनकार कर दिया। बैंकरों का कहना है कि भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी स्रोतों से फंड जुटाने में करीब 40 फीसदी की कमी आई है क्योंकि ज्यादातर कंपनियों ने नया कारोबार शुरू करने या मौजूदा कारोबार का विस्तार करने की योजना नहीं बनाई है। एक बड़ी कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने कहा, मूडीज की रेटिंग सही समय पर आई है। आने वाली तिमाहियों में भारतीय कपंनियों के विदेशों में फंड जुटाने की प्रक्रिया तेज होगी। ऑस्ट्रेलिया में कोल टर्मिनल चला रही अदाणी ऐबट पॉइंट टर्मिनल पर 2.04 अरब डॉलर कर्ज है। कंपनी पहली बार डॉलर बॉन्ड जारी कर 50 करोड़ डॉलर जुटाएगी। इसका इस्तेमाल पुराना कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
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