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शनि के चंद्रमा पर मिला पानी, नासा ने जीवन होने की संभावना की पुष्टि की

शनि के चंद्रमा पर मिला पानी, नासा ने जीवन होने की संभावना की पुष्टि की

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 187 दिन 20 घंटे पूर्व
16/04/2017
 मॉस्को ।पृथ्वी पर मानव अस्तित्व के अलावा अनंत ब्रह्माण में किसी और जीवन का होने या ना होने के दावे लंबे वक्त से बहस का मुद्दा रहे हैं। अब इस विषय पर नैशनल एरनॉटिक्स ऐंड स्पेस ऐडमिनिस्ट्रेशन ने पहली बार पुष्टि की है कि पृथ्वी के ही सोलर सिस्टम में शनि ग्रह के चंद्रमा एनसेलडस पर जीवन हो सकता है। नासा द्वारा की गई यह अपनी तरह की पहली पुष्टि है। शनि ग्रह को लेकर नासा के जांच अभियान में बर्फ से ढके एनसेलडस पर एक दरार के अंदर पानी जैसी चीज देखी गई। जांच करने पर पता चला कि उसमें 98 प्रतिशत पानी ही है। बाकी दो प्रतिशत में हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन के अलावा और भी कार्बनिक निशान पाए गए हैं। ये सभी जीवन की संभावना का संकेत देते हैं।
एनसेलडस पर मिले पानी का निरीक्षण करने वाले सैन ऐन्टोनियो के हंटर वेट ऑफ द साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट ने कहा कि यह (आणविक हाइड्रोजन या molecular hydrogen) केक पर बर्फ जमने जैसा है। इंस्टिट्यूट के औपचारिक बयान में कहा गया, 'आप ऊर्जा का वह स्रोत देख सकते हैं जिन्हें सूक्ष्म जीव इस्तेमाल करते हैं। हमने बस फॉसफरस और सल्फर नहीं देखे, और ऐसा संभवतः इसलिए क्योंकि वे काफी छोटी मात्राओं में थे। हमें वापस चेक कर जीवन के संकेतों को खोजना होगा। डेटा के आधार पर नासा का मानना है कि बैक्टीरिया जैसा साधारण जीवन (अस्तित्व) एनसेलडस के समंदर की सतह पर संभव है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ मिलता है तो वे जीवन की खोज को लेकर उत्साहित हैं। नासा वैज्ञानिक लिंडा स्पिलकर ने कहा, 'हमें एनसेलडस पर जीवों के होने के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि जीवन के लिए जरूरी लगभग सभी चीजें यहां मौजूद हैं।' उन्होंने कहा, 'शनि के एक चंद्रमा पर जीवन के होने के लिए केमिकल एनर्जी की पुष्टि होना दूसरी दुनिया की हमारी खोज में एक बड़ा मील का पत्थर है।' एनसेलडस का आकार काफी छोटा है। यह धरती के चंद्रमा के मात्र 15 प्रतिशत जितना बड़ा है।

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