महामीडिया न्यूज सर्विस
ट्राई का आदेश इंटरनेट स्पीड में नहीं होगा भेदभाव

ट्राई का आदेश इंटरनेट स्पीड में नहीं होगा भेदभाव

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 261 दिन 12 घंटे पूर्व
29/11/2017
नई दिल्ली (महामीडिया) टेलीकाॅम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मंगलवार को नेट न्यूट्रलिटी पर अपनी सिफारिशें दे दी। रेग्युलेटरी अथॉरिटी ने इंटरनेट को ओपन प्लेटफॉर्म के तौर पर रखने का सिद्धांत बरकरार रखा है। कहा है कि सर्विस प्रोवाइडर इंटरनेट की पहुंच में भेदभाव नहीं कर सकता है। वह न तो किसी एेप, वेबसाइट या सर्विस को ब्लॉक कर सकता है और न ही किसी को दूसरों से तेज स्पीड मुहैया करा सकता है। खास तरह की जरूरतों के लिए ज्यादा स्पीड जरूरी है तो वहां छूट मिलेगी। 55 पेज की सिफारिश में रेग्युलेटरी अथॉरिटी ने नेट न्यूट्रलिटी के लिए लाइसेंस की शर्तों में बदलाव करने को कहा है। सर्विस प्रोवाइडर भेदभाव वाली सेवा के लिए किसी के साथ समझौता भी नहीं कर सकते। ट्राई ने कॉन्टेंट डिलीवरी नेटवर्क को नेट न्यूट्रलिटी से बाहर रखा है। ब्रोकिंग फर्म एडेलवाइज के मुताबिक, इससे भारती एयरटेल और रिलायंस जियो को फायदा होगा। ये कंपनियां पहले से कॉन्टेंट प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं। ट्राई चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा कि इंटरनेट खुला और सबकी पहुंच में होना चाहिए। इनोवेशन, स्टार्टअप्स, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और सरकारी एेप्स के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियमों के वाॅयलेशन पर अलग पेनाल्टी की सिफारिश नहीं की गई है। लाइसेंस शर्तों के वायलेशन पर जो पेनाल्टी है, वही इसमें भी लागू होगी। कॉन्टेंट के बेस पर इंटरनेट एक्सेस में भेदभाव न हो, इसके लिए लाइसेंसिंग शर्तों में बदलाव किया जाए। सर्विस प्रोवाइडर ऐसा कोई समझौता नहीं कर सकते, जिससे इंटरनेट एक्सेस में भेदभाव हो। पब्लिक इंटरनेट के बजाय अगर सर्विस प्रोवाइडर सिर्फ अपने नेटवर्क में कॉन्टेंट मुहैया कराता है, तो उस पर ये नियम लागू नहीं होंगे।
और ख़बरें >

समाचार