महामीडिया न्यूज सर्विस
हम अपने दिलों में राष्ट्रवाद को रखते हैं

हम अपने दिलों में राष्ट्रवाद को रखते हैं

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 243 दिन 11 घंटे पूर्व
17/04/2017
नई दिल्ली : बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने कश्मीर में जवानों के साथ हुए बुरे बर्ताव को दिखाने वाले वीडियो पर चुप्पी साधने वाले लोगों की आलोचना की है. अनुपम खेर ने इस वीडियो पर चुप्पी साधने को लेकर छद्म बुद्धिजीवियों की आलोचना करते हुए कहा कि कई बार किसी के लिए राष्ट्रवाद दिखाना जरूरी हो जाता है. उनका कहना है, एक नई धारणा सामने आई है जिसके मुताबिक जो भी देश के लिए बोलता है उसे आरएसएस या भाजपा की ओर झुकाव रखने वाला बता दिया जाता है. उन्होंने कहा, ??हम राष्ट्रवादी होने का ठप्पा नहीं रखते, हम अपने दिलों में राष्ट्रवाद को रखते हैं. लेकिन कई बार मुझे लगता है कि आपको अपना राष्ट्रवाद दिखाना जरूरी हो जाता है.उन्होंने हाल ही में जम्मू कश्मीर उपचुनाव कसीआरपीएफ जवानों के साथ हुए बुरे बर्ताव पर??मौन रहने?? को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की भी आलोचना की. उनका कहना है, ??दुख की बात है कि हम जवानों को केवल वर्दी पहने एक व्यक्ति के तौर पर देखते हैं. हम उन्हें बेटों, पतियों और पिताओं के रूप में नहीं देखते.अनुपम खेर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान को ??अवास्तविक?? और ??बेवकूफी भरा?? बताया, जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि कश्मीरी लोग सेना और आतंकवादियों, दोनों के हाथों मारे जा रहे हैं.दरअसल पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर किया जिसमें सेना की जीप के बोनट पर एक युवक को बांधकर ले जाया जा रहा है. इसी पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि घाटी में लोगों को एक तरफ आंतकवादी मार रहे हैं तो दूसरी तरफ सेना. उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता. ये वही नेता हैं जिन्होंने कहा था कि मुंबई में 26/11 का हमला आरएसएस ने करवाया था.उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एचएस पनाग के ट्वीट को लेकर उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा, ??यह दुखद है कि लोग चर्चा में आने के लिए ऐसी टिप्पणी करते हैं.?? दरअसल, पनाग ने पत्थरबाजों से बचने के लिए एक आम आदमी का इस्तेमाल किए जाने को लेकर लेकर सशस्त्र बल की निंदा की थी.नेपाली सेना ने कहा कि चीन के साथ साझा सैन्य अभ्यास आतंकवाद के संभावित खतरे के खिलाफ तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. नेपाल ने चीनी रक्षा मंत्री चांग वानगुआन के 24 मार्च के आधिकारिक नेपाल दौरे के समय साझा सैन्य अभ्यास का प्रस्ताव दिया था. जानकारों का मानना है कि साझा सैन्य अभ्यास भारत को असहज कर सकता है क्योंकि चीन क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.

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