महामीडिया न्यूज सर्विस
बने रहना है जवान तो रोज खाइए बस एक आंवला

बने रहना है जवान तो रोज खाइए बस एक आंवला

admin | पोस्ट किया गया 518 दिन 20 घंटे पूर्व
18/12/2017
नई द‍िल्‍ली (महामीडिया) आंवला को हर मर्ज की दवा भी कहा जाता है. कहते हैं, बुजुर्गो की बात का और आंवले के स्वाद का पता बाद में चलता है. आंवला को प्राचीन आयुर्वेदिक प्रणाली में कई तरह के रोगों के इलाज के लिए लगभग पांच हजार साल से इस्‍तेमाल किया जा रहा है. इसका नियमित सेवन दिल की बीमारी, डायबिटीज, बवासीर, अल्सर, दमा, ब्रॉन्काइटिस और फेफड़ों की बीमारी में राम बाण का काम करता है. पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आंवला के सेवन से बुढ़ापा दूर रहता है, यौवन बरकरार रहता है, पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, आंखों की रोशनी, स्मरण शक्ति बढ़ती है, त्वचा और बालों को पोषण मिलता है.लंबी उम्र के लिए आंवला चूर्ण रात के समय घी, शहद या पानी के साथ सेवन करना चाहिए. इसी तरह आंवला चूर्ण 3 से 6 ग्राम लेकर आंवले के स्वरस और 2 चम्मच शहद और 1 चम्मच घी के साथ दिन में दो बार चटाकर दूध पीयें, इससे बुढ़ापा जाता है, आप जवान बने रहते हैं.आंवला, रीठा, शिकाकाई तीनों का काथ बनाकर सिर धोने से बाल मुलायम, घने और लंबे होते हैं. सूखे आंवले 30 ग्राम, बहेड़ा 10 ग्राम, आम की गुठली की गिरी 50 ग्राम और लोह चूर्ण 10 ग्राम रातभर कढ़ाई में भिगोकर रखें और बालों पर इसका लेप लगाने से छोटी उम्र में सफेद हुए बाल कुछ ही दिनों में काले पड़ जाते हैं.आंवले के 20 मिलीलीटर रस में 5 ग्राम शक्कर और 10 ग्राम शहद पीने से योनिदाह में अत्यंत आराम होता है. इसी तरह आंवले के बीज 3 से 6 ग्राम जल में ठंडाई की तरह पीस-छानकर उसमें शहद और मिश्री मिलाकर पिलाने से तीन दिन में ही श्वेतप्रदर यानी कि ल्‍यूकोरिआ में खास फायदा होता है.नेत्ररोग: 20-50 ग्राम आंवलों को जौकुट कर दो घंटे तक आधा किलोग्राम पानी में औटाकार उस जल को छानकर दिन में तीन बार आंखों में डालने से नेत्र रोगों में लाभ मिलता है.नकसी: जामुन, आम और आंवले को बारीक पीसकर माथे पर लेप करने से नाक से खून आना बंद हो जाता है.              
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