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महर्षि जन्म शताब्दी वर्ष समारोह का भव्य कार्यक्रम मानस भवन शहडोल में संपन्न

महर्षि जन्म शताब्दी वर्ष समारोह का भव्य कार्यक्रम मानस भवन शहडोल में संपन्न

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 691 दिन 8 घंटे पूर्व
27/12/2017
शहडोल (महामीडिया) ब्रह्मचारी गिरीश जी, महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष ने इंटरनेट के लाइव माध्यम से अपने उद्बोधन में कहा कि- महर्षि जी ने बद्रिकाश्रम ज्योतिष्पीठ के परम् पूज्य गुरूदेव स्वामी ब्रम्हानंद सरस्वती जी के सानिध्य में रहकर भारतीय वेदों में निहित ज्ञान को प्राप्त करके वैज्ञानिक आधार प्रदान करते हुए उसका प्रचार-प्रसार सरल भाषा में कर पूरे विष्व में भारत के वैदिक ज्ञान, विज्ञान, वेदांत, योग और भावातीत ध्यान की कीर्ति स्थापित की। महर्षि जी ने ही प्रत्येक मानव में चेतना जागृत करने और उसे स्थायित्व देने हेतु भावातीत ध्यान की एक सरल, सहज एवं प्रयास रहित पद्धति विश्व को प्रदान की। इसके प्रतिदिन प्रातः एवं संध्या मात्र 20 मिनट अभ्यास करने से अभ्यासकर्ता को बहुत अधिक शारीरिक व मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं। जिनमें एकाग्रता तथा सकारात्मकता में वृद्धि, चिंता में कमी, उत्तम स्वास्थ्य, सहयोगियों के साथ संबंध में मधुरता आदि प्रमुख हैं। 33 देशों के 250 स्वतंत्र शोध संस्थानों व विश्वविद्यालयों में 700 से अधिक वैज्ञानिक अनुसंधानों ने यह प्रतिपादित किया है कि जब किसी भी स्थान या राष्ट्र की जनसंख्या के 1 प्रतिशत व्यक्ति भावातीत ध्यान या जनसंख्या के 1 प्रतिशत के वर्गमूल के बराबर के व्यक्ति भावातीत ध्यान-सिद्धि कार्यक्रम का अभ्यास एक साथ एक स्थान पर करते हैं तब समाज की सामूहिक चेतना में सतोगुण की वृद्धि होती है एवं नकारात्मकता दूर होती है। वैज्ञानिकों ने इसे महर्षि प्रभाव का नाम दिया है। ऐसा होने पर प्रत्येक व्यक्ति समाज, देश एवं विश्व में स्थायी शांति की इकाई के रूप में स्थापित होगा और तभी विश्व में राष्ट्रों के बीच होने वाले तनाव और फिर उससे उत्पन्न होने वाले आतंकवाद और युद्धों की स्थिति समाप्त होगी। इसके पश्चात् सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय डॉ मुकेश तिवारी जी कुलपति पं0एस0एन0 शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को उध्बोधन तथा महर्षि महेष योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति श्री भुवनेश शर्मा जी द्वारा अपने उद्बोधन में महर्षि जी के जीवन एवं किये गये अभूतपूर्व कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यक्रम की सराहना की गयी। कार्यक्रम के अन्त में उपस्थित समस्त अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार प्रदर्शन विद्यालय की प्राचार्य डॉ भावना तिवारी जी द्वारा किया गया
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