महामीडिया न्यूज सर्विस
गरीब ग्रामीण परिवारों को आसान शर्तों पर कर्ज मुहैया कराने की योजना

गरीब ग्रामीण परिवारों को आसान शर्तों पर कर्ज मुहैया कराने की योजना

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 183 दिन 18 घंटे पूर्व
20/04/2017
नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार एक माइक्रो-क्रेडिट प्रोग्राम बना रही है ताकि ग्रामीण इलाकों के परिवारों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद दी जा सके। प्रस्ताव यह है कि अगले तीन से पांच वर्षों में प्रति परिवार एक लाख रुपये तक कर्ज दिया जाए और इसके बदले कोई चीज गिरवी न रखवाई जाए। साथ ही इस कर्ज पर लगनेवाले ब्याज में सरकारी की ओर से सब्सिडी दी जाए। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव अमरजीत सिन्हा ने कहा, 'हमने कर्ज लेने की प्रक्रिया सरल कर दी है। हम हर परिवार की आजीविका के साधनों के ब्योरे जुटा रहे हैं ताकि उसके मुताबिक कर्ज दिया जा सके।सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना में करीब 8.5 करोड़ गरीब परिवारों को चिन्हित किया गया है। साल 2019 तक इन परिवारों को इस योजना से जोड़ा लिया जाएगा। दरअसल, सरकार बैंक लिंकेज डबल करना चाहती है ताकि हर साल 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया जा सके। इससे 2019 तक वंचित ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का इंतजाम किया जाना है। सभी कॉमेंट्स देखैंकॉमेंट लिखेंलक्ष्य यह है कि इन परिवारों की निर्भरता स्थानीय तौर पर कर्ज देने वालों और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर से घटाई जाए क्योंकि ये बहुत ज्यादा ब्याज दर पर कर्ज देते हैं जबकि बैंक अमूमन 11% इंट्रेस्ट लेते हैं। नए प्रस्ताव के तहत सबवेंशन के कारण बॉरोअर पर ब्याज का बोझ काफी कम होगा।

और ख़बरें >

समाचार