महामीडिया न्यूज सर्विस
अगर आप हैं व्हाट्स ग्रुप के Admin तो हो जाएं सावधान

अगर आप हैं व्हाट्स ग्रुप के Admin तो हो जाएं सावधान

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 182 दिन 23 घंटे पूर्व
21/04/2017
वाराणसी [महामीडिया]: व्हॉट्स एप सोशल मीडिया का ऐसा प्लेटफार्म है जिसपर रोज़ाना तमाम तरह के कंटेंट सर्कुलेट होते रहते हैं. कई बार इसपर ऐसे चीज़ें सर्कुलेट हो जाती हैं जिनसे समाज के अमन चैन को खतरा हो जाता है. अक्सर समाचार के नाम पर बने ग्रुप और अन्य नाम से बने ग्रुप में कभी ऐसे समाचार या तथ्य भी प्रेषित हो रहे हैं, जिसकी सत्यता प्रमाणित नहीं है. बिना पुष्टि के सीधे कट-पेस्ट या फॉरवर्ड किए जा रहे हैं.
भ्रामक खबरों और अफवाहों पर लगाम कसने के लिए वाराणसी के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एक संयुक्त आदेश जारी कर हिदायत दी है कि सोशल मीडिया और वाट्सऐप पर किसी भी अफवाह, गलत तथ्यों से भरी या समाजिक समरसता के विरूद्ध पोस्ट पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के साथ ही ग्रुप एडमिन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से जारी आदेश में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा सोशल मीडिया पर स्वतंत्रता के साथ ही जिम्मेदारी भी आवश्यक है.
आदेश में कहा गया है कि एडमिन वही बने जो उस ग्रुप की पूरी जिम्मेदारी उठाने में समर्थ हो और ग्रुप के सभी सदस्यों से परिचित हो. कोई सदस्य गलत बयानी, बिना पुष्टि के समाचार जो अफवाह बन जाये, पोस्ट करता है तो एडमिन खंडन के साथ ऐसे सदस्य को फौरन ग्रुप से हटाये.
अफवाह भ्रामक तथ्य व सामाजिक समरसता के विरूद्ध पोस्ट होने पर फौरन सम्बधित थाने को सूचित करे. ग्रुप एडमिन के कार्रवाई न करने पर उन्हें भी इसका दोषी माना जायेगा और उन्के विरूद्ध भी कार्रवाई की जायेगी. ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
उनके ग्रुप में किसी भी भ्रामक, गलत तथ्यों से भरी या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के साथ ही ग्रुप एडमिन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी
वाराणसी के डीएम, एसएसपी द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण है अैर स्वतंत्रता के साथ ही जिम्मेदारी भी आवश्यक है.
इन शब्दों को ध्यान रखते हुए सोशल मीडिया और व्हॉट्स एप, फेसबुक आदि के ग्रुप एडमिन एवं सदस्यों के लिए ये निर्देश दिए जाते हैं:-
1. ग्रुप एडमिन वही बने, जो उस ग्रुप के लिए पूरी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का वहन करने में समर्थ हो.
2-किसी भी धर्म के नाम पर भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट किसी भी ग्रुप में डाले जाने पर समाज में तनाव उत्पन्न होने की संभावना रहती है. ऐसे पोस्ट करने या किसी अन्य ग्रुप को फॉरवर्ड करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
3- इस संबंध में समय?समय पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जाएगा.
4- अपने ग्रुप के सभी सदस्यों से ग्रुप एडमिन पूरी तरह परिचित होने चाहिए.
4- ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा गलत बयानी, बिना पुष्टि के समाचार जो अफवाह बन जाए, पोस्ट किए जाने पर या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाले पोस्ट पर ग्रुप एडमिन को तत्काल उसका खंडन कर उस सदस्य को ग्रुप से हटाना चाहिए.
5- अफवाह, भ्रामक तथ्य, सामाजिक समरसता के विरुद्ध तथ्य आदि पोस्ट होने पर संबंधित थाना को भी तत्काल सूचना देनी चाहिए, जिससे वैधानिक कार्यवाही हो सके.
6- ग्रुप एडमिन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें भी इसका दोषी माना जाएगा और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
7- दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट, साइबर क्राइम और आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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