महामीडिया न्यूज सर्विस
25 लाख किसानों की मदद के लिए यह है 'योगी फॉर्म्युला

25 लाख किसानों की मदद के लिए यह है 'योगी फॉर्म्युला

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 233 दिन 22 घंटे पूर्व
21/04/2017
नई दिल्ली [महामीडिया]:  उत्तर प्रदेश में आलू की रेकॉर्ड पैदावार को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के 25 लाख किसानों की तकलीफ दूर करने के लिए लीक से हटकर समाधान करने पर विचार कर रही है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह आलू किसानों को अपने उत्पादों को ऐसे मार्केट्स से शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित करेगी और उन्हें ऐसा करने में मदद देगी, जहां आलू की होलसेल कीमतें गिरकर 290 रुपये प्रति क्विंटल के लेवल तक आ गई हैं। अधिकारियों ने बताया है कि सरकार कोशिश करेगी कि किसान अपनी फसल को दूसरे मार्केट्स में ले जाएं, जहां कीमतें इसके मुकाबले तकरीबन दोगुनी चल रही हैं। वेस्टर्न यूपी में कीमतें आमतौर पर पूर्वी यूपी के मुकाबले कम होती हैं।
2016-17 में राज्य में आलू का रेकॉर्ड 155 से 160 लाख टन प्रॉडक्शन हुआ है। आदित्यनाथ इस मसले पर नरेंद्र मोदी सरकार से भी मदद के लिए गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से अन्य राज्यों से यूपी से आलू खरीदने के लिए कहने और राज्यों के कृषि मंत्रियों की एक तत्काल मीटिंग बुलाने की मांग की है। यूपी के चीफ मिनिस्टर यह भी चाहते हैं कि राज्य की आलू की फसल को केंद्र के ई-नेशनल ऐग्रिकल्चरल मार्ट में खरीददारी के लिए तवज्जो दी जाए। योगी आदित्यनाथ के पिछले हफ्ते गठित की गई एक टॉप-लेवल कमेटी के रिपोर्ट सौंपने के बाद यह हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के 19 मुख्य मार्केट्स में आलू की कीमत 10 अप्रैल को फर्रुखाबाद में 290 रुपये प्रति क्विंटल थी, जबकि लखनऊ में इसके दाम 690 रुपये प्रति क्विंटल थे। नौ मंडियों में जिनमें सात वेस्टर्न यूपी में हैं, उनमें आगरा, सहारनपुर, मुरादाबाद और मेरठ में आलू के होलसेल दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल से कम थे, जबकि पूर्वी यूपी की छह मंडियों में, जिनमें वाराणसी, गोरखपुर और गोंडा शामिल हैं, दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर थे।

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