महामीडिया न्यूज सर्विस
पंजाब की कैप्टन सरकार का सबसे मजबूत विकेट गिरा

पंजाब की कैप्टन सरकार का सबसे मजबूत विकेट गिरा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 614 दिन 6 घंटे पूर्व
16/01/2018
जालंधर (महामीडिया) पंजाब की सियासत में शांति की उम्मीद की ही नहीं जा सकती फिर चाहे सरकार अकालियों की हो या कांग्रेस की। सरकार बनते ही लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना तो बाद की बात विवादों में घिरना सरकारों के लिए आम बात हो गई है। अकाली सरकार बनते ही जैसे बीबी जागीर कौर को इस्तीफा देना पड़ा था उसी तरह कैप्टन सरकार बनते ही कांग्रेस कैबिनेट का सबसे मजबूत विकेट गिरा। राणा गुरजीत के इस्तीफा देने से विपक्ष की मांग जहां पूरी हुई वहीं दोआबा को अपना एकलौता कांग्रेसी मंत्री खोना पड़ा। विधानसभा चुनाव दौरान कांग्रेस के सबसे अमीर उम्मीदवार के तौर पर उभरे चीनी व्यापारी राणा गुरजीत सिंह ने कपूरथला से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। सिंह  उत्तर प्रदेश और पंजाब में डिस्टिलरी और चीनी मिलों के मालिक भी हैं। राणा ने चुनाव दौरान पत्नी के साथ, चल-अचल संपत्ति  169.88 करोड़ रुपए घोषित किए थे। जो  2012 के 68.46 करोड़ रुपए से दोगुनी हुई। व्यापारी-से राजनेता बने गुरजीत जो हिमाचल प्रदेश से मैट्रिक पास है। राणा गुरजीत 1,941 उम्मीदवारों की सूची में सबसे ऊपर रहे। उल्लेखनीय है कि राणा गुरजीत रेत खदानों की नीलामी में अपनी की कम्पनियों को ठेकों के आबंटन को लेकर जहां लगातार सुर्खियों में बने हुए थे वहीं विपक्ष के भी निशाने पर थे। इससे सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा था।  हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने उनके बेटे को नोटिस जारी किया है। ऐसे में सरकार को फजीहत से बचाने के लिए उन्होंने पद से इस्तीफा देने का विकल्प चुना। 
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