महामीडिया न्यूज सर्विस
हादसे रोकने के लिए हाथियों को रेल पटरियों से दूर रखा जाएगा

हादसे रोकने के लिए हाथियों को रेल पटरियों से दूर रखा जाएगा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 102 दिन 18 घंटे पूर्व
13/02/2018
नई दिल्ली (महामीडिया)उत्तर पूर्वी सीमांत रेलवे पटरियों पर ट्रेनों से टकरा कर हाथियों के मारे जाने की घटना को रोकने के लिए सरकार ऐसे उपकरण लगा रही है जिनसे मधुमक्खियों के भिनभिनाने की आवाज निकलती रहे ताकि हाथी इन जगहों से दूर रहे।असम के रांगिया में सफलता के बाद एनएफआर ने पश्चिम बंगाल के अपने अलीपुरद्वार प्रभाग में यह कोशिश करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मधुमक्खियों के भिनभिनाने की आवाज से हाथी दूर रहते हैं। मधुमक्खियों से निकलने वाली आवाज इंटरनेट से डाउनलोड की जाती है और इसे एम्पलीफायर पर बजाया जाता है जिससे डर कर हाथी 600 मीटर दूर रहते हैं। यह उपकरण क्रासिंग स्थल और पटरियों से लगे महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाये जा रहे हैं। एनएफआर के अन्तर्गत 27 हाथी गलियारे आते हैं। इन गलियारों में उत्तरी बंगाल, पूर्वी बिहार और उत्तर पूर्व के क्षेत्र संलग्न हैं।मध्य 2017 में रांगिया संभाग के गोलपाड़ा में पायलट परियोजना के तहत उपकरण लगाये जाने के बाद ट्रेन हादसे में एक भी हाथी की जान नहीं गयी है।पिछले सप्ताह, असम में लमदिंग सुरक्षित वन क्षेत्र के समीप हबाईपुर में गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेस से टकरा कर पटरियों के पास पांच हाथी मारे गए थे।   

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