महामीडिया न्यूज सर्विस
नसों में फैट जमने से ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा

नसों में फैट जमने से ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 303 दिन 9 घंटे पूर्व
19/02/2018
लखनऊ (महामीडिया) देश में वैस्क्युलर यानी नाड़ी से जुड़ी बीमारियों में धमनियों में वसा जमा होकर संकुचन होना की समस्या आम है। इसमें नसों में फैट जमने से खून का प्रवाह कम होने लगता है जिससे ब्लड क्लॉट्स हो जाता है। यही क्लॉट आगे जाकर ब्रेन स्ट्रोक का रूप ले लेता है। इसका खतरा टीबी और फंगल इंफेक्शन से पीड़ित मरीजों को ज्यादा होता है। यह बात पीजीआई चंडीगढ़ के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. बी.डी. राडोत्रा ने बतायी। डॉ. राडोत्रा ने बताया कि अगर किसी को ब्रेन स्ट्रोक होता है तो उसके पास इलाज के लिए केवल 3 घंटे का समय होता है। इस टाइम में अगर इलाज मिल जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए हर चिकित्सा संस्थान में अलग से ब्रेन स्ट्रोक यूनिट व स्ट्रोक इमरजेंसी नंबर होना चाहिए। डॉ. राडोत्रा ने बताया कि कोई भी ऐसा तत्व जो शरीर में जाकर खून को गाढ़ा करने का काम करता है तो शरीर में ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है। सिगरेट का अधिक सेवन करने वालों को भी ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा आम लोगों से काफी ज्यादा होता है। इसमें मौजूद निकोटिन तत्व भी ब्लड को गाढ़ा कर देता है। इसके अलावा हाइपरटेंशन, डायबीटीज, एंथ्रोसाइक्लोसिस व शराब का सेवन करने वाले लोगों में भी ब्रेन स्ट्रोक होने की संभावना काफी ज्यादा होती है। 
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