महामीडिया न्यूज सर्विस
आनंदपुर साहब में "होला महल्ला" उत्सव शुरू

आनंदपुर साहब में "होला महल्ला" उत्सव शुरू

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 539 दिन 6 घंटे पूर्व
26/02/2018
चंडीगढ़ (महामीडिया) आनंदपुर में आज से होला महल्ला उत्सव शुरू हो गया है। होला शब्द होली की सकारात्मकता का प्रतीक है और महल्ला का अर्थ उसे प्राप्त करने का पराक्रम। रंगों के त्योहार के आनंद को मुखर करने के लिए गुरु जी ने इसमें व्याप्त हो गई कई बुराइयों का निषेध किया। होली के त्योहार का आयोजन इस तरह से किया जाने लगा कि पारस्परिक बंधुत्व और प्रेम की भावना दृढ़ हो। होला महल्ला का आरंभ प्रात: विशेष दीवान में गुरुवाणी के गायन से होता है। इसके पश्चात कवि दरबार होता है, जिसमें चुने हुए कवि अपनी कविताएं सुनाते है। दोपहर बाद शारीरिक अभ्यास, खेल और पराक्रम के आयोजन होते है। गुलाब के फूलों, गुलाब से बने रंगों की होली खेली जाती है। दो दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दूसरे दिन छद्म युद्ध आयोजित किया जाता, जिसमें सिखों को दो दलों में बांट दिया जाता है। इसमें बिना किसी को शारीरिक क्षति पहुंचाए युद्ध के जौहर दिखाए जाते है। होली का यह पुरातन त्योहार स्वस्थ प्रेरणाओं का उत्सव बन गया था। आनंदपुर में आज भी इसी परंपरा का निर्वाह किया जाता है। इसमें भाग लेने बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
और ख़बरें >

समाचार