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द्वितीय मां ब्रह्मचारिणी करती हैं मंगल को शांत

द्वितीय मां ब्रह्मचारिणी करती हैं मंगल को शांत

Admin Chandel | पोस्ट किया गया 518 दिन 8 घंटे पूर्व
19/03/2018
भोपाल (महामीडिया) मां ब्रह्मचारिणी की पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन होती है। देवी के इस रूप को माता पार्वती का अविवाहित रूप माना जाता है। ब्रह्मचारिणी संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ, ब्रह्म के समान आचरण करने वाली। इन्हें कठोर तपस्या करने के कारण तपश्चारिणी भी कहा जाता है। माता ब्रह्मचारिणी श्वेत वस्त्र पहने दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल है। देवी का स्वरूप अत्यंत तेज और ज्योतिर्मय है। नवरात्रि में मां ब्रहमचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति में तप, त्याग और संयम में वृद्धि होती है। देवी ब्रह्मचारिणी मंगल ग्रह को नियंत्रित करती हैं। ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा से मंगल ग्रह के बुरे प्रभाव कम होते हैं।

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