महामीडिया न्यूज सर्विस
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समाचार

  • संत तुकाराम

    भोपाल(महामीडिया) महाराष्ट्र के प्रसिद्व संत तुकाराम का जन्म पूना जिले के देहू गांव में विक्रम संवत 1665 में हुआ था। इनके पिता का नाम बोतहोबा और माता का नाम कनकाई था। संत तुकाराम ने पांडुरंग भगवान की भक्ति बाल्यावस्था से की थी और उनके भजन गाया करते थे। इनकी दो पत्नियाँ थी एक का नाम रघुबाई और दूसरी का नाम जीजाई था। इन्होंने अपने पिताजी  >>और पढ़ें

  • चैतन्य महाप्रभु


    भोपाल [महामीडिया] समय समय पर धर्म की अवनति होने पर कोई न कोई महात्मा अवतीर्ण होकर सदुपदेश आदि अनेक उपयों से धर्म का संस्थापन करते हैं। चैतन्य देव भी ऐसे ही अद्वितीय प्रचारक हुए हैं। श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु का जन्म शक संवत 1407 में फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को सिंह लग्न में चंद्रग्रहण के दिन पश्चिमी बंगाल के नवद्वीप नामक ग्रा >>और पढ़ें

  • भक्त कवि गोस्वामी तुलसीदास

     
    भोपाल [महामीडिया] तुलसीदास जी का अविर्भाव जिस समय हुआ था, वह समय हिन्दू जाति के लिए महान संकट का था। चंहु ओर अंधकार ही नज़र आ रहा था, कोई मार्ग नहीं सूझ रहा था। तुलसीदास जी ने भगवान का लोकमंगल रूप दिखाकर हिन्दू जाति के अंधेरे भविष्य में आशा का नव प्रकाश आलोकित किया।
    बाँका जिले के राजपुर नामक ग्राम में आत्माराम &# >>और पढ़ें

  • दीक्षा महोत्सव में होगा मुख्यमंत्री का सम्मान

    भोपाल। दिगम्बर जैन संत आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के पचासवे दीक्षा वर्ष के अवसर पर भोपाल में भव्य "संयम स्वर्ण महोत्सव" का आयोजन 5 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा के दिन रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर किया जा रहा है। इस आयोजन में मप्र संस्कृति विभाग के सहयोग से उड़ीसा के प्रिंस ग्रुप की शानदार प्रस्तुति होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिं >>और पढ़ें

  • भगवान वाल्मीकि जयंती आज

    भारतीय संस्कृति के सत्य स्वरूप का गुणगान करने, जीवन का अर्थ समझाने, व्यवहार की शिक्षा से ओत-प्रोत ?वाल्मीकि-रामायण? एक महान् आदर्श ग्रंथ है। उसमें भारतीय संस्कृति का स्वरूप कूट-कूट कर भरा है। आदिकवि भगवान वाल्मीकि जी ने श्रीराम चंद्र जी के समस्त जीवन-चरित को हाथ में रखे हुए आंवले की तरह प्रत्यक्ष देखा और उनके मुख से वेद ही रामायण के रूप में अवत >>और पढ़ें

  • हिंदू धर्म ने दुनिया को सहनशीलता सिखाई

    स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो (अमेरिका) में हुए विश्व धर्म सम्मेलन में दिए भाषण के 125वें वर्ष की सोमवार से शुरुआत हो रही है। इस अवसर पर विश्व को चमत्कृत करने और भारत को जगाने वाले इस भाषण के साथ स्वामीजी के अलौकिक व्यक्तित्व, शिकागो में उनके भीषण संघर्ष और मददगारों की याद। क्या कहा था विवेकानंद ने अपने भाषण में...
    - विवेकानंद ने कहा, "हे अ >>और पढ़ें

  • भवानीप्रसाद मिश्र - एक राष्ट्रीय कवि

                    भारतीय साहित्य जगत में कवि मनीषी भवानीप्रसाद मिश्र का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है मिश्र जी गूढ़ बातों को अत्यंत आसानी एवं सरलता के साथ अपनी रचना में प्रस्तुत करते थे आपकी लेखनी सेे अनेक कालजयी रचनाओं का सृजन हुआ तथा आपको साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न सम्मान प्राप्त हुए जिनमें सन् 1972 में बुनी हुई रस्सी के लिए साहि& >>और पढ़ें

  • देश को अमीर बना खुद कंगाल बने रहे दुनिया के सबसे गरीब राष्ट्रपति

       साउथ अमेरिकन कंट्री उरुग्वे की जब भी बात होती है तो यहां के एक्स प्रेसिडेंट जोस मुजिका का नाम सबसे पहले याद आता है। दरअसल, मुजिका दुनिया के ऐसे लीडर हैं, जिन्हें सबसे गरीब माना जाता है। मार्च, 2015 में उन्होंने प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह कहते हुए पद छोड़ा था कि उन्हें अपने तीन पैर वाले दोस्त मैनुअल और चार पैर की बीटल के सा& >>और पढ़ें

  • महर्षि ने दुनिया का ज्ञान योग से किया मार्गदर्शन

    महर्षि महेश योगी ने अध्यात्म, पतंजलि के योग एवं वैदिक ज्ञान के माध्यम से हमारे देश के साथ पूरी दुनिया का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि योग व ध्यान से हम जीवन में शांति प्राप्त कर सकते हैं। यह बातें नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने रविवार को स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति सभा भवन में आयोजित महर्षि जन्म शताब्दी समारोह और 5 दिवसीय मेडिट >>और पढ़ें


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