महामीडिया न्यूज सर्विस
>>
समाचार

  • प्राकृतिक और आध्यात्मिक रूप से सबसे पवित्र माना जाता है पीपल का वृक्ष

    भोपाल (महामीडिया)  भारत में पेड़-पौधों की पूजा करना हमारी परंपरा का अंग रहा है. फिर भी कुछ वृक्षों की पूजा का खास महत्व है. इनमें पीपल का स्थान सबसे ऊपर है. यदि आध्यात्मि‍क रूप से देखें, तो इसे वृक्षों में सबसे अधिक पवित्र माना गया है. साथ ही पर्यावरण की रक्षा करने में इसका विशेष योगदान है। पीपल का वृक्ष हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र माना जाता ह&# >>और पढ़ें

  • धार्मिक कार्य करने का आध्यात्मिक मास होता है पुरुषोत्तम मास

    भोपाल (महामीडिया) हिन्दू पंचांगों में बारह मास होते हैं. यह सूर्य की संक्रांति और चन्द्रमा पर आधारित होते हैं. हर वर्ष सूर्य और चन्द्र मास में लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है. तीन वर्ष में यह अंतर लगभग एक माह का हो जाता है इसलिए हर तीसरे वर्ष अधिक मास आ जाता है. इसको लोकाचार में मलमास भी कहा जाता है. यह 16 मई से 13 जून तक रहेगा. धार्मिक कार्यों का किसी भी >>और पढ़ें

  • भावातीत ध्यान और विश्राम के स्तर

    भोपाल (महामीडिया) भावातीत ध्यान से साधक को स्वाभाविक रूप से स्वत: गहन विश्राम मिलता है यह अध्ययन डॉ. कीथ वालेस के प्रथम अध्ययन को पुष्ट करता है। इस अध्ययन में साधक की चयापचय गति (मेटाबोलिक रेट) निकालने के लिए साधक में आॅक्सीजन खपत की माप ध्यान पूर्व, ध्यान के समय तथा ध्यान के पश्चात् लिया गया। इन साधकों की औसत आयु 31 वर्ष थी और यह लोग लगभग 26 महीन >>और पढ़ें

  • "प्रत्येक मनुष्य ब्रह्म है, दलित कोई नहीं" - ब्रह्मचारी गिरीश जी

    भोपाल (महामीडिया) दिनांक 7.5.16. उज्जैन। महर्षि महेश योगी शिविर में ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि "जो मानव शरीर लेकर जन्मा है वह ब्रह्म है, दलित कोई नहीं है, निहित सवार्थों के चलते ब्रह्म को दलित बताया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं कहा है कि चारों वर्ण उन्हीं की सृष्टि हैं जो गुण और कार्याें के अनुसार हैं। किसी भी मनुष्य या जाति को दलित क& >>और पढ़ें

  • चेतना समस्त सम्भावनाओं का क्षेत्र-ज्ञान, शक्ति और आनन्द का अनन्त सागर है

    भोपाल (महामीडिया) श्रीमद्भगवतगीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से समस्त मानवता को देशकाल बन्धन से परे किये गये उपदेश में योगस्थः कुरूकर्माणि, योगः कर्मसुकौशलम्, सहजम् कर्मकौन्तेय, निस्त्रैगुण्यो भवार्जुन आदि अभिव्यक्तियों से गूढ़ रहस्य उद्घाटित कर दिये हैं। ध्यान देने की बात यह है कि भगवान के उपदेश में बौद्धिक स्तर से  >>और पढ़ें

  • सत्यमेवजयते बहुत महत्वपूर्ण सिद्धाँत

    भोपाल (महामीडिया) परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी के प्रिय तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने आज कहा कि "सत्यमेवजयते" एक बहुत बड़ा, महत्वपूर्ण और मूल्यवान सिद्धाँत है। जो मनुष्य अपनी दिनचर्या, जीवनचर्या सत्य पर आधारित रखेंगे उन्हें सदा विजय की प्राप्ति होगी, पराजय कभी नहीं देखनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वैदिक वांगमय सत्य सम्बन्धी गाथा >>और पढ़ें

  • यज्ञ की प्रक्रिया अत्यन्त शुद्ध और विधान निश्चित हैं

    भोपाल (महामीडिया) गुरूदेव ब्रह्मानन्द सरस्वती आश्रम, भोपाल में वैदिक यज्ञाचार्यों से चर्चा के दौरान परमपूज्य महर्षि महेश योगी जी के प्रिय तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने यज्ञों में शुद्धता पर बहुत जोर डाला। उन्होंने बताया कि "वैदिक ग्रन्थों में वर्णित वैदिक विधानों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही यज्ञों का संपादन किया जाना चाì >>और पढ़ें

  • कलियुग में भी रामराज्य स्थापित हो सकता है

    भोपाल (महामीडिया)  ब्रह्मलीन परम पूज्य महर्षि महेश योगी के परम प्रिय तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी ने वैदिक पण्डितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि "इस कलियुग में भी रामराज्य की स्थापना हो सकती है। महर्षि जी ने कुछ वर्ष पूर्व ही विश्वव्यापी रामराज्य स्थापित करने की घोषणा कर दी थी और भारत के भौगोलिक केन्द्र भारत के ब्रह्मस्थान में इ >>और पढ़ें

  • सबकुछ वैदिक ही है

    भोपाल (महामीडिया) वेद से तात्पर्य ज्ञान से है वैदिक मार्ग से तात्पर्य उस मार्ग से है जो ज्ञान-पूर्ज्ञान-शुद्- ज्ञान प्राकृतिक विधान के पूर्ण सामर्थ्य पर आधारित है यह सृष्टि एवं प्रशासन का मुख्य आधार है जो सृष्टि की अनन्त विविधताओं को पूर्ण सुव्यवस्था के साथ शासित करता है इसीलिये वेद को सृष्टि का संविधान भी कहा गया है। प्राकृतिक विधान  >>और पढ़ें

  • महर्षि महेश योगी की प्रेरणा से महाशिवरात्रि पर्व पर श्री महारूद्राभिषेक संपन्न

    भोपाल (महामीडिया) महर्षि परिवार द्वारा महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठ्म परिसर छान, भोपाल में आज विधि विधान से महाशिवरात्रि पर्व पर श्री महारूद्राभिषेक संपन्न हुआ। इस पावन पर्व पर ब्रह्मचारी गिरीश जी ने पूर्णाहुति दी। 101 वैदिक पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपूर्ण यज्ञ स्थल भगवत भक्ति में डूब गया। महाशिवरात्रि पर्व की शुरू >>और पढ़ें

  • प्राकृतिक आपदाओं का कारण - प्रकृति के नियमों का उल्लंघन

    भोपाल (महामीडिया) "प्रकृति के नियमों का पालन न होकर उनका सामूहिक उल्लंघन ही प्राकृतिक असंतुलन और आपदाओं का कारण है। विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय वर्तमान की शिक्षा में प्रकृति के नियमों का कोई पाठ और प्रयोग नहीं है। व्यक्ति अज्ञान और अनेकानेक कामनाओं की पूर्ति न होने के कारण तनाव और चिंताग्रस्त होता है। व्यक्तिगत तनाव सा >>और पढ़ें

  • प्राकृतिक आपदाओं का कारण - प्रकृति के नियमों का उल्लंघन

    भोपाल (महामीडिया) "प्रकृति के नियमों का पालन न होकर उनका सामूहिक उल्लंघन ही प्राकृतिक असंतुलन और आपदाओं का कारण है। विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय वर्तमान की शिक्षा में प्रकृति के नियमों का कोई पाठ और प्रयोग नहीं है। व्यक्ति अज्ञान और अनेकानेक कामनाओं की पूर्ति न होने के कारण तनाव और चिंताग्रस्त होता है। व्यक्तिगत तनाव सा >>और पढ़ें

  • महाशिवरात्रि पावन पर्व पर श्री महारूद्राभिषेक का आयोजन भोपाल में

    भोपाल (महामीडिया) महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठ्म, भोजपुर मंदिर मार्ग, छान, भोपाल में 14 फरवरी बुधवार को श्री महारूद्राभिषेक का आयोजन रखा गया है। इसका आयोजन परम् पूज्य महर्षि महेश योगी जी की दिव्य प्रेरणा एवं महर्षि विद्या मंदिर समूह के अध्यक्ष ब्रह्मचारी गिरीश जी की गरिमामयी उपस्थिति में ह&# >>और पढ़ें

  • इस बार देश में दो दिन मनेगी महाशिवरात्रि

    भोपाल (महामीडिया) पंचांगों में मतभेद के कारण इस बार महाशिवरात्रि पर्व मनाने की तारीख को लेकर संशय की स्थिति बन रही है। महानिशीथकाल को लेकर मतांतर के चलते पश्चिमी भारत में यह पर्व 13 फरवरी जबकि पूर्वी भारत में 14 फरवरी को मनाना शास्त्र सम्मत बताया जा रहा है।पर्व को किस दिन मनाना है इसमें महानिशीथकाल की अहम भूमिका है। धर्मसिंधु में उल >>और पढ़ें

  • 31 जनवरी को देश देखेगा 'सुपर मून'

    इलाहाबाद (महामीडिया)  31 जनवरी को साल का पहला चंद्र ग्रहण है और इसके कारण रोज दिखने वाला चंद्रमा अधिक बड़ा व चमकदार दिखाई देगा। प्रकृति का यह अद्भुत नजारा देश के किसी भी कोने से आसानी से देखा जा सकेगा। इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से "सुपर मून" कहा जाता है। यह हर किसी के लिए देखने लायक होगा। यह इस साल का पहला चंद्रग्रहण होगा।

    >>और पढ़ें


नये चित्र

महर्षि विद्या मंदिर
महर्षि विद्या मंदिर
महर्षि विद्या मंदिर
महर्षि विद्या मंदिर
योग
योग
विराट जीत
विराट जीत
कुछ और चित्र
MAHA MEDIA NEWS SERVICES

Sarnath Complex 3rd Floor,
Front of Board Office, Shivaji Nagar, Bhopal
Madhya Pradesh, India

+91 755 4097200-16
Fax : +91 755 4000634

mmns.india@gmail.com
mmns.india@yahoo.in